रेलवे में ठेकेदारी करते हैं मुकुल रॉय, अब बनेंगे रेल मंत्री!

रेलमंत्री को लेकर लगातार संस्पेंस बना हुआ है। दिनेश त्रिवेदी का जाना लगभग तय हो चुका है। हालांकि त्रिवेदी ने कह दिया है कि जब तक ममता लिखित रूप से उनका इस्तीफा नहीं मांगेंगी तब तक वो पद नहीं छोड़ेंगे। रेल किराये के बढ़ाये जाने से नाराज ने खुल कर कह दिया है कि अब वो त्रिवेदी को रेल मंत्री के पद पर बर्दाश्त नहीं कर सकती हैं। यही नहीं उनसे पहले तृणमूल कांग्रेस भी त्रिवेदी से इस्तीफे की मांग कर चुकी है।
अब बात अगर मुकुल राय की करें तो ये साहब पहले भी कई विवादों में रहे हैं। ये वही मुकुल राय हैं जिन्हें ममता बनर्जी की जगह कार्यवाहक रेल मंत्री बनाया गया था। ममता ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में जीत करने के बाद रेल मंत्री पद से इस्तीफा दिया था।
11 जुलाई 2011 को इन्हीं के कार्यकाल में असम में गुवाहाटी-पुरी एक्सप्रेस में हुए रेल हादसे पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जब उनसे कहा कि वे घटनास्थल पर जाएं तो उन्होंने इसके लिए मना कर दिया था, इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने मुकुल रॉय को रेल मंत्री पद देने पर अड़ंगा डाल दिया था। उसके परिणास्वरूप दिनेश त्रिवेदी को रेल मंत्री बनाया गया।
अब उसी मुकुल राय की फिर से रेलमंत्री के पद पर ताजपोशी होने जा रही है। आपको बता दें कि तृणमूल कांग्रेस के महासचिव मुकुल रॉय वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं। 17 अप्रैल 1954 को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के कंचनपाड़ा में जन्मे मुकुल रॉय तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी की खासमखास माने जाते हैं।
अब आप सोच सकते हैं कि रेलवे में ठेकेदारी करने वाले अगर विभाग के मंत्री बनेंगे तो उनकी कमाई कहां से कहां पहुंच जायेगी। आप अपने विचार नीचे कमेंट बॉक्स में लिख सकते हैं।












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