माया के जाते ही बढ़ी धनंजय सिंह की न्यायिक हिरासत
लखनऊ।
बहुजन समाज पार्टी को मुसीबतों ने चारों ओर से घेर लिया है। एक ओर प्रदेश में बसपा की सरकार चली गयी दूसरी ओर बसपा सांसद धनंजय सिंह की न्यायिक अभिरक्षा भी बढ़ गयी। दोहरे हत्याकाण्ड और गैंगेस्टर कानून के तहत बंद बसपा सांसद धनंजय सिंह व दो अन्य को आज कड़ी सुरक्षा के बीच जिला कारागार से लाकर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम स्पेशल जज ईसी ऐक्ट व गैंगेस्टर ऐक्ट के न्यायाधीश शशिकान्त उपाध्याय की अदालत में पेश किया गया। अदालत में सुनवाई के बाद उन्हें 11 मई तक न्यायिक अभिरक्षा में रखने का आदेश दिया गया। id="toptextpromo">धनंजय
सिंह को मायावती ने कुछ समय पहले ही अल्टीमेटम दे दिया था। इतना ही नहीं सांसद धनंजय सिंह को बसपा सुप्रीमों मायावती ने पार्टी से निलम्बित कर दिया था जिसके बाद से ही उनकी मुसीबतें बढ़ती चली गयीं। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया और उनके ऊपर दोहरे हत्याकाण्ड का मुकदमा भी चलने लगा। मायावती के मुंह फेर लेने के बाद सारा सरकारी अमला उनके खिलाफ हो गया जिसका परिणाम है कि अब जेल में समय काट रहे हैं। अभियोजन पक्ष के अनुसार जिले के केराकत थाना क्षेत्र के बेलांव घाट पर एक अप्रैल 2010 को संजय निषाद व नन्दलाल की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>इस
हत्याकाण्ड में जौनपुर के बसपा सांसद धनंजय सिंह, सुनीत सिंह व पुनीत सिंह सहित पांच लोगों को आरोपी बनाया गया है। सांसद सहित सभी पांचों को गैंगेस्टर ऐक्ट में भी निरद्ध किया गया है। आज सांसद धनंजय, सुनीत व पुनीत को गैंगेस्टर कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें ग्यारह मई तक न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। बसपा सांसद धनंजय सिंह ने आज अदालत में एक प्रार्थना पत्र देकर मांग किया है कि उन्हें कल से चल रहे संसद के बजट सत्र में भाग लेने की इजाजत दी जाए। अदालत ने इस प्रार्थना पत्र पर सुनवाई हेतु 14 मार्च तिथि नियत किया है।











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