Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

फिर पब्लिक को बेवकूफ बनाया यूपीए सरकार ने

अजय मोहन। कहते हैं किसी भी देश या राज्‍य की सरकार कोई संगठन ही चला सकता है, लेकिन विडंबना यह है कि हमारे देश की सरकार ऐसा संगठन चला रहा है, जिसके अंदर ढेर सारे विघटन हैं। जी हां हम बात कर रहे हैं कांग्रेस के संप्रग की, जिसने महज एक दिन पहले उत्‍तराखंड में और आज केंद्र में अपने अंदर की फूट को उजागर कर दिया। लेकिन यही यूपीए अपनी चालाकी के बल पर एक बार फिर पब्लिक और मीडिया को बेवकूफ बनाने में सफल हो गई।

आप सोच रहे होंगे कैसे? तो उसका जवाब आगे आपको जरूर मिल जायेगा। महज एक दिन पहले उत्‍तराखंड में सोनिया गांधी के फरमान पर विजय बहुगुणा जोशी को मुख्‍यमंत्री बनाया गया तो 24 विधायकों ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। यानी लोगों का कांग्रेस पर विश्‍वास पहले ही कमजोर हो गया था। जाहिर है यूपीए सरकार अच्‍छी तरह जानती थी कि रेल बजट में किराया बढ़ाने पर पब्लिक को गुस्‍सा जरूर आयेगा और उसका फायदा भाजपा समेत सभी विरोधी दल भुनाने की कोशिश करेंगे।

बस इसीलिए यूपीए ने ममता बनर्जी नाम का तुरुप का पत्‍ता फेंका। यह वही पत्‍ता है, जो पिछले कई दिनों से नाराज चल रहा है। यूपीए के आलाकमान को अच्‍छी तरह पता था कि ममता का निगेटिव बयान पूरे मीडिया का रुख बदल कर रख देगा। इसलिए जैसे ही बजट पेश हुआ। इलेक्‍ट्रॉनिक चैनलों ने चिल्‍लाना शुरू कर दिया- हाय किराया बढ़ गया, हाय किराया बढ़ गया... इससे पहले कि पब्लिक हाय-हाय करती, ममता ने यूपीए की रेल को टक्‍कर मार दी। यह टक्‍कर इतनी जोरदार थी कि पूरे मीडिया का ध्‍यान संप्रग के अस्तित्‍व की ओर चला गया। सभी यह कयास लगाने लगे कि संप्रग सरकार गिर सकती है।

इस पर अभी तक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और यूपीए अध्‍यक्ष सोनिया गांधी का एक भी बयान नहीं आने का साफ मतलब है कि रेलवे की पैंट्री कार में खिचड़ी पहले ही पक चुकी है। अब पूरे देश का ध्‍यान बढ़े किराये से हट कर यूपीए की साख की ओर चला गया है। अब भाजपा के शहनवाज हुसैन कुछ भी कहते रहें, किसी को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है।

हम आपको बता दें कि इससे पहले भी जब-जब सरकार ने पेट्रोल के दाम बढ़ाये हैं, तब-तब कोई न कोई ऐसी बातें उजागर की हैं, जिससे पब्लिक का ध्‍यान पेट्रोल के दामों से हट गया है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण यह है जब सितंबर 2011 में पेट्रोल के दाम बढ़े थे, तब कांग्रेस के दिग्विजय सिंह ने बाबा रामदेव को उलटा सीधा कह दिया था। वहीं उसके अगली बार दाम बढ़ने पर अन्‍ना हजारे को छेड़ दिया गया। इसी तरह हर बार कांग्रेस अपनी कमजोरी छिपाने के लिए कोई न कोई मुद्दा छेड़ने में काफी माहिर हो चुकी है और इस बार भी वो सफल हो गई।

राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो इस पूरे विवाद के बाद जब कल सब कुछ ठंडा पड़ जायेगा तब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बयान देंगे- यूपीएम में ऑल इज़ वेल और तब मध्‍या‍वधि चुनाव के सारे कयास खत्‍म हो जायेंगे।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+