रोहतक : डॉक्टरों ने शरीर से घुसे दो सरियों को निकाला

इसमें एक सरिया बांई बाजू में घुसा हुआ था, जबकि दूसरा सरिया पेट से होकर डायाफ्राम को फाड़ते हुए दिल के पास से बाएं फेफड़े को चीरते हुए गर्दन के पास बाहर निकला हुआ था।
मरीज को बिना नुकसान पहुचाए इन्हें बाहर निकालना डॉक्टरों के लिए चुनौतीपूर्ण कार्य था। उन्होंने बताया कि कार्डियक सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ.एस.एस.लोहचब के नेतृत्व में बनाई गई टीम ने सफल आप्रेशन किया गया।
मरीज के एक हाथ में घुसे हुए सरिये को तो आसानी से निकाल दिया गया लेकिन दूसरे सरिये को निकालने के लिए एनस्थिसिया की टीम का महत्वपूर्ण रोल रहा। मरीज को किसी भी प्रकार के खतरे से बचाने के लिए रॉड को खींचकर निकाल दिया गया और चार जगह से फटे हुए बायां फेफड़ा को सर्जरी कर ठीक कर दिया गया। नवीन के पेट में बड़ी गट में छेद था और तिल्ली में भी काफी नुकसान हुआ था, जिसकी सर्जरी की गई।












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