मुलायम की चाहत ही हमारी चाहत: आजम
सूत्रों की माने तो आजम खां ही नहीं बल्कि शिवपाल भी अखिलेश के सीएम बनने के पक्ष में नहीं थे। पार्टी के विधायकों की बैठक में जब यह निर्णय ले लिया गया कि सीएम अखिलेश ही होंगे तो आजम खां को सफाई देनी पड़ी कि वह इस निर्र्णय के विरोध में नहीं हैं।
आजम खां ने कहा कि अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बने, इससे खुशी की बात पार्टी व प्रदेश के लिए कुछ और हो ही नहीं सकती। यही कारण है कि उन्होंने विधायकों की बैठक में स्वयं सबसे पहले अखिलेश का नाम लिया। अखिलेश के नाम पर नाराजगी का कोई प्रश्न ही नहीं उठता। आजम खां ने कहा कि मुलायम सिंह यादव और वह 29 सालों से साथ हैं।
उन्होंने कहा कि यह अलग बात है कि वह चाहते थे कि मुलायम की प्रदेश की कमान संभाले लेकिन इसका यह मतलब कतई नहीं कि वह किसी और को नहीं चाहते। मुलायम की चाहत ही उनकी चाहत है। उन्होंने कहा कि नाराजगी शब्द मीडिया की देन है। उनके नाराज होने का सवाल ही नहीं पैदा होता। उन्होंने कहा कि नाराजगी छिपती नहीं है यदि वह नाराज होते तो साफ नजर आता। अखिलेश यादव के नाम का प्रस्ताव रखना यह जाहिर करता है कि वह नाराज नहीं है बल्कि अलिखेश के मुख्यमंत्री बनने पर बेहद खुश हैं। आजम खां ने उ मीद जतायी कि अखिलेश यादव एक बेहतर मुख्यमंत्री साबित होंगे और प्रदेश के विकास को आगे बढ़ायेंगे।













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