मुलायम के अपने ही कह रहे भत्ता नहीं जॉब चाहिये

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का मतदान खत्म होने के तुरंत बाद कई सर्वेक्षण कंपनियों व मीडिया हाउस ने एक्जिट पोल निकालने शुरू कर दिये। लगभग सभी एक्जिट पोल में कहा जा रहा है कि सरकार समाजवादी पार्टी की बनेगी और मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव होंगे। नतीजे अभी आये नहीं हैं, लेकिन सपा की युवा ब्रिगेड में अभी से कौतूहल मचने लगा है। कौतूहल है अपनी उस जिद को लेकर, जिसके लिए उन्होंने मुलायम का साथ दिया। और वो है रोजगार!
पिछले पांच साल से मुलायम की हर रैली में आगे से आगे चलने वाले समाजवादी पार्टी से जुड़े युवाओं को अभी से लगने लगा है कि अब उनके सपने सच होने का वक्त आ गया है। एक्जिट पोल को ही परिणाम मान कर एक नई मांग लेकर ये युवा सामने आये हैं- "बेरोजगारी भत्ता नहीं, रोजगार दो"। एक्जिट पोल के नतीजे आने के बाद हमने जब सपा के कुछ युवा नेताओं से प्रतिक्रिया मांगी तो जवाब एकदम उलट था।
लखनऊ विश्वविद्यालय के वरिष्ठ छात्र नेता व यूथ वेल्फेयर सोसाइटी, यूपी के सचिव दानिश सिद्दीकी ने कहा, "हमें खुशी होगी अगर सपा की सरकार आयी। उससे भी ज्यादा खुशी होगी अगर बेरोजगारी भत्ता मिलना शुरू हो जायेगा, लेकिन बेरोजगारी भत्ता हल नहीं है। यह एक टेम्परेरी सॉल्यूशन है, जो युवाओं के पेट की भूख को शांत नहीं कर सकता। लिहाजा हमने तय किया है कि हम नेताजी (मुलायम) से मांग करेंगे कि कोई ऐसी व्यवस्था करें, जिससे हमें रोजगार मिले।"
दानिश की इस बात पर हमने समाजवादी छात्रसभा के लखनऊ नगर अध्यक्ष फखरुल हसन उर्फ चांद मियां से बात की। उनहोंने कहा, "एक्जिट पोल के नतीजों से हमारा विश्वास यथार्थ में बदलता दिखाई दे रहा है और हमें खुशी है। रही बात आगे की, तो अगर मुलायम सिंह या अखिलेश यादव में कोई भी सीएम बना तो हमें पूरा विश्वास है कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिलेगा।" चांद मियां ने आगे कहा कि खुद अखिलेश यादव प्रदेश भर में निजी कंपनियों को लाने व फैक्ट्रियां लगवाने के प्रयास करने की बात की है। लेकिन यह बात भी सही है कि अब हम बेरोजगारी भत्ते से ऊपर उठकर, यानी रोजगार की बात करेंगे।
सपा के दो युवा नेताओं की बातों से साफ है कि उन्होंने पार्टी के लिए जो कुछ भी किया है, वो रोजगार पाने के लिए किया है, चाहे वो किसी भी रूप में क्यों न हो। लिहाजा "बेरोजगारी भत्ता नहीं, रोजगार दो" की बात तभी उठेगी, जब सरकार बनेगी और उसके छह महीने पूरे हो जायेंगे। उस स्थिति में अगर सपा ने इन युवाओं की मांग को पूरा नहीं किया, तो यही पांच शब्द सपा की यूथ ब्रिगेड के अंदर मुद्दा बनकर उभरेंगे और तो और अगर प्रदेश में रोजगार के अवसर जल्द नहीं खुले, तो यही पांच शब्द मुलायम सरकार के खिलाफ एक बड़ा नारा बन कर खड़े होंगे।












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