पोल खोल न दे इसलिए शूटर की भी करा दी हत्या

फिर ओलंगा की हत्या का गेमप्लान तैयार हुआ। मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित कोहेफिजा निवासी आरटीआई एक्टिविस्ट शहला मसूद की हत्या के लिए आर्किटेक्ट जाहिदा ने बिल्डर साकिब अली उर्फ डेंजर के जरिए कानपुर के शार्प शूटर शानू ओलंगा, सलीम और इरफान को तीन लाख रुपए सुपारी दी थी। काम पूरा होने के बाद कांट्रैक्ट किलर को दो लाख रुपए दिए गए। एसटीएफ के हत्थे चढ़े इरफान ने बताया डेढ़ लाख ओलंगा ने ले लिए जबकि पचास हजार उसे मिले। इसके बाद साकिब का फोन स्विच ऑफ हो गया। बाकी रकम का क्या हुआ? वह नहीं जानता। अंडरवर्ल्ड के सूत्र बताते हैं बकाया रकम जब साकिब ने हड़प ली तो शानू ओलंगा भोपाल गया। उसने साकिब से मुलाकात कर कुछ रुपया वसूला भी। इसके बाद शेष रकम को लेकर ओलंगा की साकिब से तनातनी हुई तो उसने पोल खोलने की धमकी दी।
सूत्रों के अनुसार घबराई जाहिदा ने साकिब के जरिए ओलंगा की भी सुपारी दिला दी। ओलंगा की हत्या का गेमप्लान इतने शातिराना तरीके से बनाया गया कि किसी का शक जाहिदा की तरफ न जाए। एसटीएफ के अफसर भी इस बात से इन्कार नहीं कर रहे हैं। एसटीएफ सूत्रों के अनुसार ओलंगा को रास्ते से हटाने के लिए उसके दुश्मन रईस बनारसी का इस्तेमाल किया गया। रईस ने वाराणसी के शार्प शूटर गुड्डू मामा उर्फ गुड्डू बिंद के साथ मिलकर शानू की हत्या की। सूत्रों का यह भी कहना है कि ओलंगा के बाद अगला निशाना इरफान था। शहला मसूद हत्याकांड में आरोपी इरफान उर्फ श्याम के खिलाफ कानपुर के एक थाने में पुलिस मुठभेड़ और अवैध शस्त्र रखने की धारा में रिपोर्ट लिखाई गई है। इरफान को सीएमएम कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे चौदह दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। शहला की हत्या में शानू ओलंगा के साथ शामिल सलीम कौन है? इसका पता नहीं चल रहा। अभी एसटीएफ और अंडरवर्ल्ड के सूत्र भी कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं है। इरफान भी सलीम के बारे में उसके नाम से अधिक कुछ नहीं जानता। उसने कहा सलीम को पहले कभी नहीं देखा। अंडरवर्ल्ड सूत्रों के मुताबिक बेकनगंज- चमनगंज में हर दूसरे-तीसरे घर में कोई न कोई सलीम रहता है। हो सकता है शानू ओलंगा ने गलत नाम बताकर इरफान को गुमराह किया हो।












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