गरीब बच्चों से पिंड छुड़ाने की कोशिशों में निजी स्कूल

सबसे पहले हम बता दें कि नियम 134 ए के तहत सभी निजी स्कूलों को 25 प्रतिशत गरीब छात्रों को प्रवेश देना होगा। और कोई भी स्कूल यह नहीं चाहता। एक पखवाड़े से प्रदेश के निजी स्कूल नियम 134ए के अलावा अन्य मांगों को लेकर कई जिलों में प्रदर्शन कर चुके हैं। इस मामले में पिछले दिनों शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों की तरफ से प्राइवेट स्कूल संघ को बातचीत के लिए आमंत्रित किया गया था और मंगलवार को बुलाया गया था।
इस मामले में मंगलवार को प्राइवेट स्कूल संघ का प्रतिनिधिमंडल प्रदेशाध्यक्ष कुलभूषण शर्मा के नेतृत्व में शिक्षा सदन पंचकूला में शिक्षा विभाग की वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव सुरीना राजन और अन्य अधिकारियों से मिलेगा। बातचीत में संघ के प्रदेशाध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने बताया कि बैठक में शिक्षा नियम 134ए खत्म करने की मांग की जाएगी। यदि सरकार इसे खत्म नहीं करती है तो इस मामले में सरकार से ग्रांट देने की मांग की जाएगी ताकि निजी स्कूलों पर इसका बोझ न पड़े, क्योंकि निजी स्कूल यह बोझ उठाने में सक्षम नहीं है। संघ ने आरटीइ लागू करने की मांग की।
बैठक में 134ए नियम के अलावा स्कूलों को तुरंत मान्यता प्रदान करने की मांग की जाएगी या फिर कुछ रिलेक्शेसन देने की मांग की जाएगी। इसके साथ-साथ बसों पर लग रहे टैक्स माफ करने, 96 स्कूल संचालकों पर दर्ज किए गए मामले वापस लेने, अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों को स्थायी करने की मांग की जाएगी। सरकार की जायज मांगों को वह मानने को तैयार है।












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