आरक्षण आंदोलन: मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे जाट

उधर, जाट नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर अब सीएम के साथ भी वार्ता में उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया जाता है तो पिछले बार 13 ट्रैकों को रोका गया था मगर इस बार सभी 14 ट्रकों को जाम कर दिया जाएगा। जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला प्रधान रामभगत ने बताया कि जाट समाज शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहा है, लेकिन अगर उनकी मांगें नहीं मानी तो उन्हें कड़े कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि बुधवार को क्रमिक अनशन पर बैठने वाले छह लोगों में से चार लोग आमरण अनशन पर बैठे थे। आमरण अनशन पर बैठने वाले बजे सिंह सुल्तानपुर, किताब सिंह हैबतपुर, चांद सिंह व चांदराम ने आज दूसरे दिन भी आरक्षण व अन्य मांगों को लेकर अपना अनशन जारी रखा। इस कड़ी में कल शाम जाट नेताओं के साथ हुई सीपीएस धर्मबीर सिंह से वार्ता में कुछ हल नहीं निकला जिस पर जाट नेताओं ने उन्हें मुख्यमंत्री से मुलाकात करवाने की बात कही।
उन्होंने बताया कि अब 25 फरवरी को इस बारे में पता चलेगा कि मीटिंग कब और कहां होनी है। उन्होंने बताया कि फिलहाल आंदोलन शांतिपूर्वक ढंग से जारी है लेकिन अगर उनके साथ विश्वासघात होता है तो वे कड़े कदम उठाने में नहीं हिचकिचाएंगे। जाट नेताओं ने चेतावनी देते हुए बताया कि अगर वार्ता विफल होती है तो पिछली बार की तरह ट्रैकों को जाम कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछली बार 13 टै्रक जाम किए थे लेकिन इस बार सभी 14 ट्रैकों को जाम कर दिया जाएगा।












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