आरटीई लागू न करने वाले स्कूलों की रद्द हो मान्यता

एआईएसएफ के राज्य सह संयोजक विदुर, प्रदेश संयोजक रोशन सुचान, जिलाध्यक्ष जगजीत सिह, जिला सचिव भोलाराम, विश्वविद्यालयाध्यक्ष राजीव वर्मा आदि ने बताया कि कांग्रेस सरकार द्वारा गरीब वर्ग के 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देने के लिए इसे मौलिक अधिकारों की सूची में शामिल किया है, जिसके तहत निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीटों पर इन बच्चों को प्रवेश देकर बिना कोई फीस लिए शिक्षा देने का प्रावधान रखा है।
यदि कोई निजी स्कूल ऐसा नहीं करेगा तो कानून के तहत स्कूल पर 1 लाख रुपए का जुर्माना तथा उसकी मान्यता रद्द करने का प्रावधान रखा, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश के अनेक निजी स्कूल संचालक 25 प्रतिशत सीटों पर गरीब बच्चों को प्रवेश नहीं दे रहे तथा इसका विरोध करते हुए हड़ताल कर रहे हैं, जो गरीब बच्चों के संवैधानिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने कहा कि यदि कानून के तहत नि:शुल्क शिक्षा का प्रावधान नहीं किया गया तो प्रदेश स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा।












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