एनआरएचएम मामले पर यूपी में सीबीआई ने मचाया कोहराम

वैसे तो इसमें कई नाम उभरकर सामने आए लेकिन कुछ लोगो पर सीबीआई को ज्यादा की संदेह है, उसमें लखनऊ निवासी दवा सप्लायर और ठेकेदार गुड्डू खान और वाराणसी निवासी दवा सप्लायर महेंद्र पांडेय है। ये दोनों बसपा विधायक राम प्रसाद जायसवाल के बहुत ज्यादा करीबी है। ऐसी भी सूचना आ रही है कि जायसवाल दवा सप्लाई का ठेका दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते थे।
सूत्रों के अनुसार ऐसी खबर आई है कि दवाओं की खरीद परोख्त को लेकर दिल्ली में चार मामले दर्ज किये गये थे, जिसकी तर्ज की कार्रवाई शुरू की गयी। गौरतलब है अभी पीछले दिनों ही नेशनल रूरल हेल्थ मिशन में काम कर रहे एक कर्मचारी की लाश संदिग्ध परिस्थितियों में लखीमपुर जिले से बरामद की गई थी। वह 7 फरवरी से लापता था और नेशनल रूरल हेल्थ मिशन (एनआरएचएम) में क्लर्क के पद पर कार्यरत था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नेशनल रूरल हेल्थ मिशन में क्लर्क के पद पर तैनात महेन्द्र शर्मा बीते 7 फरवरी से लापता था। पुलिस गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कर तलाश कर ही रही थी कि आज लखीमपुर जिले में एक व्यक्ति का शव बरामद होने की खबर मिली। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। छानबीन के बाद पुलिस ने मृतक की शिनाख्त महेन्द्र शर्मा के रूप में की जो नेशनल रूरल हेल्थ मिशन में क्लर्क के पद पर तैनात था।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया। वहीं दूसरी तरफ परिवारवालों ने मांग की है कि पोस्टमार्टम किसी दूसरी टीम से कराई जाए न कि राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों से। वहीं सीबीआई ने साफ किया है जिस शख्स की मौत हुई है उससे न तो पूछताछ की गई और न ही उसे कभी समन किया गया था। एनआरएचएम घोटाला करीब 50 हजार करोड़ रुपये का है। मालूम हो कि इससे पहले दो चीफ मेडिकल ऑफिसर की हत्या और एक डिप्टी सीएमओ की लाश लखनऊ जेल में मिली थी।












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