20 साल से दे रहा था पाकिस्तान को खुफिया जानकारी

हुसैन का भारत प्रवेश नेपाल के रास्ते से हुआ था। तीन साल पहले उसने पश्चिम बंगाल की एक लड़की से शादी कर ली। उसके दो बच्चे हैं। मूल रूप से कराची का रहने वाला कामरान कोलकाता में आसिफ हुसैन के नाम से रह रहा था और गारमेंट्स का काम करता था। साथ ही वह देश के विभिन्न रक्षा संस्थानों की रेकी और उनसे जुड़ी गुप्त सूचनाएं हासिल करता था। वह दिल्ली छावनी से संबंधित गुप्त दस्तावेज लेकर कोलकाता जाने की फिराक में था, तभी पुलिस ने उसे धर दबोचा।
कई बार भारत आ चुका है कामरान
पहली बार भारत यात्रा के दौरान इस पाकिस्तानी नागरिक को गोवा पुलिस ने लूटपाट के आरोप में गिरफ्तार किया था। बाद में भारतीय पासपोर्ट पर पाकिस्तान लौटने के दौरान पकड़े जाने पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ने उसे जासूसी के लिए तैयार किया। इस काम के लिए कामरान को भारतीय सेना से जुड़ी सभी जानकारियां, कंप्यूटर चैटिंग, कोड वर्ड समेत निगरानी रखने तथा निगरानी से बचाव के तरीके की ट्रेनिंग दी गई थी।
क्राइम ब्रांच उपायुक्त अशोक चांद के अनुसार कामरान ने कोलकाता में बेस बना रखा था। कराची का रहने वाला कामरान 1992 में पाकिस्तानी पासपोर्ट पर अटारी बार्डर के रास्ते रिश्तेदारों से मिलने कोलकाता आया था। रिश्तेदार मो. सलीम तथा उसके सहयोगी अकबर के साथ कामरान गोवा चला गया। सलीम वहां गाइड का काम करता था। रुपये की जरूरत पूरी न होने पर तीनों ने वहां घरों में लूटपाट शुरू कर दी। एक घर में लूटपाट के दौरान वे लोग पकड़े गए। 1996 में कामरान जेल से छूटा।
कोलकाता से आसिफ हसन के नाम से भारतीय पासपोर्ट बनवाकर कामरान 1997 में एक महीने के वीजा पर पाकिस्तान माता-पिता के पास चला गया। पाकिस्तान सुरक्षा एजेंसियों ने समयावधि बीतने के बाद देश में रहने के आरोप में उसको गिरफ्तार कर लिया। 2004 में पाकिस्तानी मिलिट्री एजेंसी ने उसे भारत में जासूसी के लिए उकसाया। 2007 में पाकिस्तानी पासपोर्ट पर ढाका के रास्ते कामरान नेपाल आया। उसे राजस्थान के सीकर से बना एक फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस व 400 अमेरिकी डॉलर भी दिए गए। अवैध तरीके से भारत की सीमा पार कर कामरान कोलकाता पहुंच गया।
यहां 2009 में उसने 24 परगना निवासी एक भारतीय युवती से शादी की तथा रेडीमेड गारमेंट का धंधा शुरू कर दिया। उसने आसिफ हुसैन के नाम से पैन कार्ड, वोटर कार्ड तथा बैंक एकाउंट भी खुलवा लिया। हवाला के जरिये उसके बैंक खातों में रकम आती थी। कामरान को जासूसी के लिए दिल्ली एरिया दिया गया था। उसे दिल्ली में गोपनीय सैन्य दस्तावेज हासिल कर पाकिस्तान एजेंट को सौंपने थे। 13 फरवरी को वह नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचकर बाहर निकला तभी गिरफ्तार कर लिया गया। कोलकाता, सीकर तथा राजस्थान के अन्य शहरों में जांच चल रही है।












Click it and Unblock the Notifications