जिन्हें वोट डालने निकली है जनता, उनमें 48% हिस्ट्रीशीटर
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्मस की रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस ने 15, बसपा ने 24, भाजपा ने 24, सपा ने 28, जनता दल यू ने 5, पीस पार्टी ने 12 व रालोद ने एक ऐसे प्रत्याषी को टिकट दिया है जिनकी छवि खराब है। एसोसिएशन के सर्वे में सामने आया कि 284 प्रत्याशियों में 144 करोड़पति हैं। इस बार करोड़पति उम्मीदवारों का प्रतिशत 51 है जबकि पिछले चुनाव में मात्र 22 प्रतिशत उम्मीदवारों ने ही खुद को करोड़पति घोषित किया था। चुनाव में छह ऐसे उम्मीदवार भी भाग्य आजमा रहे हैं जिनकी सम्पत्ति एक लाख से भी कम है।
सर्वाधिक मुकदमों वाले प्रत्याशियों की बात करें तो सबसे ऊपर नाम आता है सपा प्रत्याशी मित्रसेन का जिन पर 36 मुकदमें हैं। इसके बाद जितेन्द्र सिंह बब्लू (पीस पार्टी), इन्द्र प्रताप (पीस पार्टी), मो अहमद अंसारी (बीएसपी), महेश चन्द्र मिश्र (बीएसपी), त्रियंबक नाथ (सपा), अब्दुल मसूद (सपा), सूर्यवेष्वर सिंह (भाजपा), राम फेरन पाण्डेय (बीजेपी) व अभय सिंह (सपा) के नाम प्रमुख हैं। इस छोटी सी हकीकत से तो पता चल ही जाता है कि कोई भी दल इससे अछूता नहीं है। ऐसे में चुनावों में जिस प्रकार से आपराधिक प्रवृत्ति वाले प्रत्याशियों को टिकट दिया जा रहा है उससे साबित होता है कि आने वाले समय में राजनीति सिर्फ अपराधी प्रवृत्ति के लोगों के लिए रह जाएगी।













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