आठवीं कक्षा के बच्चों का कमाल, बढ़ाया 20% माइलेज

इनके मॉडल को पिछल्ले महीने कैथल में राज्यस्तरीय विज्ञान-प्रदर्शनी में भी प्रथम स्थान मिला है। शेरिया गांव स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की तीन छात्राओं पूजा, सुनीता, शिवानी ने पेट्रोल सेवर कम पोल्यूशन कंट्रोलर नाम का मॉडल तैयार किया है। मॉडल में इन्होंने दर्शाया है कि वाहनों में पेट्रोल को ईधन के रूप में सीधे ही प्रयोग कर लिया जाता है। इसकी वजह से सिर्फ 46-47 फीसद ही उष्मीय मान (ऊर्जा उत्सर्जन) बन पाता है। नतीजन, वाहनों की माइलेज भी ज्यादा नहीं हो पाती और धुआं भी फैलता है।
इसके विपरीत अगर पेट्रोल को गैस के रूप में प्रयोग में लाया जाए तो स्थिति बदल सकती है। इन छात्राओं के मॉडल में टायर ट्यूब में भरी हवा को पेट्रोल से गुजारा गया है। पेट्रोल से गुजरने पर हवा गैसीय रूप ले लेती है। तत्पश्चात पानी से गुजारने पर पेट्रोल का यही गैसीय रूप इंजन या यंत्र में ईधन के रूप में प्रयुक्त किया जा सकता है। पेट्रोल को गैसीय रूप में प्रयुक्त करने पर उष्मीय मान आठ से दस प्रतिशत तक बढ़ जाता है। नतीजन, वाहन की माइलेज भी 20 फीसद तक बढ़ जाती है और उससे धुआं भी नहीं निकलता। इन छात्राओं के मार्गदर्शक और विद्यालय के विज्ञान शिक्षक नरेश कुमार ने बताया कि ईधन का यह फार्मूला ओजोन परत को भी नुकसान नहीं पहुंचाता।












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