बवाल मचने के बाद आईएएस पवन सेन का तबादला रूका
आपको बता दें कि आईएएस का कहना है कि एक तो रार्बट वाड्रा रायबरेली में मोटरसाइकिल पर बिना हेलमेट के अपने काफिले के साथ जा रहे थे, वहीं दूसरी ओर रार्बट वाड्रा को दस गाड़ियों के साथ बाइक रैली को हरी झंडी दिखाने की अनुमति थी लेकिन उनकी रैली में करीब सौ बाइक थी इसीलिए प्रशासन ने उन्हें रैली से पहले ही रोक दिया था।
आचार संहिता के मुताबिक काफिले में पांच से ज्यादा वाहन नहीं होने चाहिए लेकिन वाड्रा के साथ 100 से ज्यादा बाइकें थीं। इस एक्शन के बाद आईएएस पवन सेन का तबादला गोवा कर दिया गया। 2005 बैच के आईएएस पवन सेन बतौर पर्यवेक्षक अमेठी में तैनात थे।
लेकिन जब लोगों ने इस मुद्दे पर हाय-तौबा मचाई तो चुनाव आयोग ने कहना पड़ा था कि पवन सेन के तबादले का फैसला पहले ही हो चुका था और इसका काफिला रोके जाने की घटना से कोई लेना देना नहीं है। लेकिन जब बवाल थम नहीं रहा था तो आयोग ने तबादले पर फिलहाल के लिए रोक लगा दी है।













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