एंट्रिक्स-देवास करार पर भाजपा ने मनमोहन को घेरा

भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमण ने कहा कि जब इसरो देवास मामला सामने आया तो प्रधानमंत्री ने दो उच्चस्तरीय समितियां गठित कीं। उन्होंने उस कथित घोटाले की जांच भी की। मुझे नहीं मालूम कि इन दोनों रिपोर्टों में क्या आया है। प्रधानमंत्री भी चुप रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 2जी मामले में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सभी दोष गठबंधन राजनीति पर मढ़ दिया जबकि अंतरिक्ष विभाग सीधे उनके अधीन है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि मैं समझती हूं कि सरकार को काफी कुछ स्पष्टीकरण देना है। हम निश्चित तौर पर मांग करेंगे कि प्रधानमंत्री इस संबंध में सफाई दें।
उन्हें बताना चाहिए कि फैसला करने में किस प्रक्रिया का पालन किया गया, जब सौदा किया, उस समय कौन प्रभारी था। प्रधानमंत्री को विस्तृत स्पष्टीकरण देना चाहिए। सीतारमण ने जानना चाहा कि क्या जिन चार वैज्ञानिकों को काली सूची में डाला गया है, केवल वहीं नुकसान के लिए जिम्मेदार थे। उन्होंने कहा, क्या उनके पास समझौते पर निर्णय करने की शक्तियां हैं? कई सवाल अनुत्तरित हैं। दूसरी ओर कांग्रेस ने कहा कि राजनीतिक दलों को सौदे पर किसी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए क्योंकि यह कानूनी मुद्दा है। कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा किच् उच्चस्तरीय समिति की इसलिए आलोचना नहीं की जानी चाहिए कि उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक है।












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