फलक को वेंटिलेटर से हटाया गया, लेकिन हालत नाजुक

उधर फलक के मामले में पुलिस ने एक और गिरफ्तारी की है। फलक को एम्स में भर्ती कराने वाली राधा (परिवर्तित नाम) को उसकी मुंह बोली बुआ गीता ने ही वेश्यावृति में धकेला था। गीता इनके घर में आती-जाती थी और राधा उसे बुआ बुलाती थी। गीता ने राधा को पूजा के पास भेजा था। आरोप है कि पूजा ने उसे कुछ जगह वेश्यावृति के लिए भेजा। इसके बाद राधा आरती के संपर्क में आ गई।
संगम विहार पुलिस ने बृहस्पतिवार को आरती को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में ये चौथी गिरफ्तारी है। पुलिस ने चारों आरोपियों को साकेत में मेट्रोपालिटन मजिस्ट्रेट गोमती मनोचा के यहां पेश किया गया। जहां से चारों आरोपियों को को चार दिन की रिमांड पर भेज दिया। पुलिस का कहना है कि इस मामले में कई और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है। पुलिस के अनुसार घर से भागकर राधा गुरुद्वारा बंगला साहिब आई।
एक रात यहां रुकने के बाद वह गीता के पास गई। गीता उसकी पिता की मुंह बोली बहन बताई जा रही है। गीता ने कुछ दिन उसे अपने पास रखा फिर पूजा के पास भेज दिया। यहां से उसे कई जगह वेश्यावृति के लिए भेजा गया। पूजा ने राधा को आरती के पास भेज दिया। आरोप है कि आरती वेश्यावृति में लिप्त है। मुनिरका में रहने वाली आरती के घर में राजकुमार का आना-जाना था। यहां राधा की मुलाकात राजकुमार से हुई। राधा से शादी कर राजकुमार साथ रहने लगा था। पुलिस के अनुसार शादीशुदा आरती को एक बेटा है।












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