उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को टक्कर देने आ गयीं दीदी
पश्चिम बंगाल व आस पास के राज्यों में प्रभाव रखने वाली टीएमसी ने उत्तर प्रदेश में दो सौ से ज्यादा सीटों पर प्रत्याशी उतारते हुए अपनी आक्रमकता उजागर कर दी। दीदी ने कांग्रेस को चौंकाते हुए पूर्व नौकरशाह और कांग्रेस के नेता रहे राय ङ्क्षसह को राज्य में टीएमसी का संयोजक बनाया है।
ज्ञात हो कि कांग्रेस के किसान नेता और पीलीभीत से वरूण गांधी के खिलाफ लोकसभा का चुनाव लड़ चुके वी.एम. सिंह भी टीएमसी में शामिल हो चुके हैं। कांग्रेस ने वीएम सिंह को विधानसभा चुनावों में उम्मीदवार नहीं बनाया था। उत्तर प्रदेश महिला कांग्रेस विधानसभा चुनाव में एक भी टिकट नहीं दिये जाने से नाराज हैं महिलाओं ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी के खिलाफ प्रदर्शन किया था।
महिला कांग्रेस की पूर्व महासचिव सुरैया सिद्दीकी लखनऊ छावनी सीट से रीता जोशी के खिलाफ टीएमसी से चुनाव लड़ रही हैं। टीएमसी के उत्तर प्रदेश के प्रभारी केन्द्रीय पर्यटन राज्य मंत्री सुलतान अहमद के अनुसार पार्टी किसी भी अच्छे उम्मीदवार को टिकट देने से इनकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी का मकसद कांग्रेस को नुकसान पहुंचाना नहीं है बल्कि उत्तर प्रदेश में अपनी जमीन बनाना है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि टीएमसी चुनाव के लिये कांग्रेस में तोडफ़ोड़ भी नहीं कर रही है। अहमद ने कहा कि टीएमसी उत्तर प्रदेश में भी अपना जनाधार बढ़ाना चाहती है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कांग्रेस के नेता पार्टी में शामिल होते हैं तो इससे यही पता चलता है कि वह लोग सुश्री बनर्जी की कार्यशैली और नीतियों से प्रभावित हैं।
उधर सुरैया सिद्दीकी का आरोप है कि प्रदेश महिला कांग्रेस से किसी को टिकट न मिलने के पीछे श्रीमती जोशी का हाथ है। टीएमसी से टिकट पाने के बाद वह काफी उत्साहित हैं। उनका कहना है कि उनके मुस्लिम होने के कारण श्रीमती जोशी को कड़ी चुनौती मिलेगी। प्रदेश महिला कांग्रेस की उपाध्यक्ष आरती वाजपेयी उन्नाव जिले की बांगरमऊ सीट से टीएमसी की प्रत्याशी घोषित कर दी गयी हैं, वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गोपीनाथ दीक्षित की पुत्री हैं।













Click it and Unblock the Notifications