लोकायुक्त: कोर्ट ने स्वीकारी गुजरात सरकार की याचिका

गुजरात के राज्यपाल ने पिछले साल 25 अगस्त को न्यायमूर्ति मेहता को लोकायुक्त के पद पर नियुक्त किया था। यह पद बीते आठ साल से रिक्त पड़ा था। मोदी न्यायमूर्ति जेआर वोरा को लोकायुक्त के पद पर नियुक्त करने पर जोर दे रहे थे लेकिन इसे गुजरात उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने इस आधार पर स्वीकार नहीं किया कि उन्हें गुजरात राज्य न्यायिक अकादमी का निदेशक नियुक्त किया गया था।
राज्य सरकार ने अगले ही दिन यह कहते हुए नियुक्ति को उच्च न्यायालय में चुनौती दी कि राज्यपाल ने उसकी अनदेखी की है। मोदी का तर्क था कि राज्यपाल ने राज्य सरकार से मशवरा किए बिना लोकायुक्त की नियुक्ति कर दी जो असंवैधानिक है। पिछले साल 11 अक्तूबर को उच्च न्यायालय की एक पीठ ने नियुक्ति के मुद्दे पर खंडित फैसला दिया था।
एक जज ने जहां राज्यपाल के फैसले को बरकरार रखा था वहीं दूसरे जज ने नियुक्ति के संबंध में राज्यपाल द्वारा जारी अधिकार पत्र को खारिज कर दिया था। इसके बाद मामला न्यायमूर्ति सहाय के पास भेजा गया था।












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