फिर पीएम से नाराज हुईं ममता दी, सुनायी खरी-खरी
कोलकाता। एक बार फिर से पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बैनर्जी की बातों से लगता है कि उनके और केन्द्र के बीच में बहुत कुछ सही नहीं है। उन्होंने सोमवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सिंगूर में भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के दौरान उनसे बात नहीं की क्योंकि वह माकपा को नाराज नहीं करना चाहते थे।
ममता बैनर्जी ने साफ किया कि अगर हमने यूपीए को समर्थन दिया है तो यूपीए की जिम्मेदारी है कि वो हर बड़े फैसले में हमें शामिल करे। हमने इस बात से प्रधानमंत्री को भी अवगत कराया था। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने अपनी गतिविधियों को नीतियों के आधार पर आगे बढ़ाया है।
ममता ने कहा कि इसी वजह से हमने लोगों को सीधे तौर पर प्रभावित करने वाले खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी का विरोध किया। लेकिन कांग्रेस के कुछ नेता माकपा की तरह काम कर रहे थे। इन बातों से साफ लगता है पार्टी के अंदर बहुत कुछ ठीक नहीं है। पहले पैट्रोल, फिर खाद्य सुरक्षा बिल और फिर लोकपाल पर जिस तरह से ममता बैनर्जी का रूख रहा है उससे तो अब लगने लगा है कि यह गठबंधन बहुत ज्यादा दिनों का मेहमान नहीं है।













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