क्या गाय की फैक्ट्री लगायेगी भाजपा?
आज भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में अपना घोषणा पत्र जारी किया। घोषणा पत्र में शिक्षा के नाम पर लैपटॉप, रोजगार के नाम पर बेरोजगारी भत्ता, धर्म के नाम पर राम मंदिर और गरीबों के इलाज के लिए बेहतरीन अस्पतालों का जिक्र जोर-शोर से किया गया है। इन सबके बीच भाजपा के घोषणापत्र में हैरान कर देने वाली है कि वो गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले हर परिवार को एक-एक गाय देगी।
हो सकता है आपको यह बात सुनकर हंसी आये, लेकिन यह सच है। राष्ट्रीय योजना आयोग के आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में 69 फीसदी लोग बीपीएल के नीचे हैं। यूपी की जनसंख्या करीब 16 करोड़ है। अगर एक परिवार में पांच लोग जोड़ें तो यहां करीब 3 करोड़ परिवार हैं। 69 प्रतिशत के हिसाब से करीब दो करोड़ सत्तर लाख परिवार गरीबी रेखा से नीचे हुए। अब सवाल यह उठता है कि चुनाव जीतने की दशा में भाजपा 2 करोड़ गाय लायेगी कहां से?
गाय कोई दुकान पर रखा सामान तो है नहीं जिसे आप खरीदकर लोगों में बांट देगें या फिर वो कोई योजना भी नहीं है जिसे आप लोगों को समझा पायेंगे। और न तो यह कोई लैपटॉप या टैबलेट है जो कंपनी को ऑर्डर दिया और तैयार। वो तो गाय है एक चलता-फिरता जीव। जो एक व्यक्ति की ही तरह सांस लेता है।
जाहिर है भाजपा ने कहा है कि गरीबी की रेखा के नीचे जीवन जीने वाले को वो गाय देगी जिसका मतलब साफ हुआ कि वो लोगों को ऐसे गाय देगी जो लोगों की जीविका में मदद करे, लेकिन बढ़ती आबादी के चलते ऐसे कितनी गायें आज हमारे पास जिंदा बची हुई है। साथ ही प्रश्न यह भी है कि लोगों को देने के लिए भाजपा गाय लायेगी कहां से?
अब कहीं कोई फैक्ट्री तो नहीं जहां गाय का उत्पादन होता हो, वो तो जीता-जागता एक प्राणि है जिसे भी देखभाल की जरूरत होती है। ना ही मुर्गी फार्म की तर्ज पर गाय को पैदा किया जा सकता है। आपको बता दें कि एक अच्छी और स्वस्थ गाय के लिए उस पर कम से कम दो व्यक्तियों के बराबर खर्चा आता है। मतलब यह है कि एक गाय को रखने के लिए इंसान को कम से कम दो वयस्क व्यक्तियों का खर्चा करना पड़ेगा। यानी कि गरीब परिवार को रोजी-रोटी चलाने के लिए पहले दो अतिरिक्त व्यक्तियों के बराबर खर्चा करना पड़ेगा?
और सबसे अहम सवाल यह कि क्या गाय को घोषणापत्र में रखने से पहले उसने अपनी कद्दावर नेता मेनका गांधी से सलाह नहीं ली थी। जो पशु बचाओ अभियान से जुड़ी हुई हैं। अगर भाजपा गायों का इंतजाम करने में सफल भी हो जाये तो क्या मेनका गांधी उसे लोगों में बांटने के लिए राजी हो जायेगी। कुल मिलाकर सवाल यह है कि भाजपा किसी जीती-जागते जीव पर किसी से वादा कैसे कर सकती है?
अब इस बारे में आपका क्या कहना है, अपने विचार नीचे लिखे कमेंट बाक्स मे दर्ज करायें।













Click it and Unblock the Notifications