कई जख्मों के साथ मौत से जूझ रही बच्ची

पिछले कुछ दिनों में उसे दो बार दिल का दौरा पड़ा। उन्होंने कहा कि उसके बचने की संभावना 50 फीसदी है। अगर वह बच जाती है तो पूरी जिंदगी उसे दूसरों पर निर्भर रहना होगा क्योंकि उसका मस्तिष्क हमेशा के लिये क्षतिग्रस्त हो गया है। जयप्रकाश नारायण एम्स ट्रामा केंद्र के प्रमुख डा. एम. सी. मिश्रा ने कहा कि उसे 18 जनवरी को बुरी हालत में हमारे पास लाया गया।
उसका सिर बुरी तरह कुचला हुआ था, उसके हाथ टूटे हुए थे, पूरे बदन पर काटने के निशान थे और उसके गाल गर्म सलाखों से दागे हुए थे। हमारे पास उसे लाने वाली नाबालिग लड़की ने दावा किया कि बिस्तर से गिरने के कारण उसकी ऐसी हालत हुई, जिस पर विश्वास करना कठिन है। उन्होंने कहा कि चूंकि उसके पूरे शरीर पर कटे हुए निशान थे, इसलिए हमने महिला रोग विशेषज्ञ से यह जांच करने को कहा है कि कहीं उसके साथ यौन दुव्र्यवहार तो नहीं हुआ।












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