पाक की तरह भारत में भी सरकार व सेना आमने-सामने

हालांकि भारत और पाकिस्तान के हालात एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। इस समय भारत में सेना और सरकार के बीच सेना प्रमुख वीके सिंह की उम्र को लेकर विवाद चल रहा है। इस मामले पर जनरल वीके सिंह सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चले गए हैं। उन्होंने अपनी उम्र को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल की है। जिसके बाद सरकार और सेना अध्यक्ष में तनाव की स्थिति पैदा हो गई है।
सरकार का कहना है कि जनरल वीके सिंह की जन्मतिथि 10 मई 1951 है जबकि सेना प्रमुख का दावा है कि उनकी जन्मतिथि 10 मई 1950 है। वैसे हाईस्कूल की मार्कशीट में जनरल वीके सिंह की जन्मतिथि 10 मई 1950 है जबकि यूपीएससी में उनकी उम्र की तारीख 10 मई 1951 है। उम्र में इस फैसले को लेकर अब विवाद बढ़ता जा रहा है।
इस मामले पर सरकार भी गंभीर होती दिखाई दे रही है। रक्षामंत्री एके एंटनी इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिले हैं। वहीं इस मामले के सुप्रीम कोर्ट में पहुंचने के बाद कानून मंत्री सलमान खुर्शीद भी प्रधानमंत्री से मिले हैं। सरकार ने इस मामले में रक्षा सचिव को भी तलब किया है जो इस समय मलेशिया के दौरे पर थे।
सेना प्रमुख की उम्र को लेकर विवाद पिछले लगभग एक साल से चला आ रहा है। सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह इसे अपने सम्मान से जुड़ी हुई बात मान रहे हैं। जिस वजह से वे सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गए हैं। विपक्षी दल भाजपा ने भी सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि अगर इस मामले को शुरुआत में ही सुलक्षा लिया जाता तो बात यहां तक नहीं पहुंचती।
पाकिस्तान में जिस तरह सेना और सरकार के बीच विवाद के बाद वहां संविधान को खतरा होने लगा था उसी तरह भारत में भी सेना और सरकार के बीच अंतर पैदा हो सकता है। अब फिलहाल इस मामले का हल सुप्रीम कोर्ट ही निकालेगा।
वैसे सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह के सुप्रीम कोर्ट में पहुंचने के बाद सरकार भी कड़ा कदम उठा सकती है। यह भी संभव है कि सरकार उम्र विवाद को लेकर सेना प्रमुख को बर्खास्त कर सकती है। या फिर यह भी हो सकता है कि जनरल वीके सिंह अपने पद से इस्तीफा दे दें और यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चलता रहे। फिलहाल यह मामला भारतीय संविधान के लिए जरूर घातक है।












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