आयोग को गरियाना मायावती को शोभा नहीं देता: कांग्रेस-भाजपा
लखनऊ। अपने जन्मदिन पर मायावती ने चुनाव आयोग को दलित विरोधी क्या बताया, चारों ओर से प्रतिक्रियाएं आना शुरू हो गयी है। कांग्रेस और भाजपा को तो जैसे एक और मुद्दा मिल गया है माया पर निशाना साधने के लिए। कांग्रेस ने मायावती को सलाह देते हुए कहा कि वो सोच-समझकर बोला करें क्योंकि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है।
तो वहीं भाजपा ने भी मायावती की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि मायावती जी को समझना चाहिए कि वोट जनता का काम करने से मिलता है ना कि मूर्तियों का अंबार लगाने से।
गौरतलब है कि मायावती ने रविवार को अपने जन्मदिन के मौके पर कहा था कि चुनाव आयोग का फरमान एकतरफा है। उन्होंने आयोग पर दलित विरोधी होने का आरोप लगाया। आयोग ने गलती की है।
भारतीय परंपराओ में हाथी को शुभ माना जाता है, हाथी से स्वागत कराया जाता है। लेकिन आयोग ने कहा है कि इससे बसपा का प्रचार हो रहा है। इसका मतलब यह हुआ कि आयोग ने परंपराओं का भी अपमान किया है। आयोग का फैसला राजनीति से प्रेरित है। आपको बता दें कि पिछले दिनों चुनाव आयोग ने मायावती की मूर्तियों और हाथी को चुनाव तक ढ़कने का आदेश दिया था। क्योंकि आयोग का कहना था कि इससे पार्टी का प्रचार हो रहा है।













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