दिग्विजय को पार्टी से निकाल बाहर करे कांग्रेस: मुलायम

उन्होंने इससे पहले तक यह मुद्दा क्यों नहीं उठाया। सपा प्रमुख ने कहा कि कांग्रेस या तो दिग्विजय को बर्खास्त कर दे या फिर बटला हाउस मुठभेड़ को सही ठहराने वाले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और गृह मंत्री पी चिदम्बरम के खिलाफ कार्रवाई करे। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा बटला हाउस मुठभेड़ को फर्जी मानती है और वह इसकी न्यायिक जांच की मांग भी करती रही है लेकिन केन्द्र की कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार ने इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की मगर चुनाव में इस मुद्दे को उछालकर माहौल खराब करने की कोशिश जरूर शुरू कर दी है।
उन्होंने कहा कि दिग्विजय ने मुसलमानों को रिझानें के लिये पार्टी महासचिव राहुल गांधी को आजमगढ़ के शिबली कालेज स्थित अतिथिगृह में ठहराया और उलेमा से मिलवाया लेकिन बटला हाउस कांड से उपजे रोष की तपिश राहुल को भी तीखे विरोध के रूप में सहन करनी पड़ी। सपा को मुसलमानों की सच्ची हितैषी पार्टी बताते हुए उन्होंने कहा कि सितम्बर 2008 में बटला हाउस मुठभेड़ कांड होने के बाद उनकी पार्टी ने ही अपने वरिष्ठ नेताओं अमर सिंह (अब सपा में नहीं हैं) और राम गोपाल यादव को घटनास्थल पर भेजा था और तथ्यान्वेषण के बाद पार्टी इस नतीजे पर पहुंची कि वह मुठभेड़ फर्जी थी। यादव ने कहा कांग्रेस नेता बटला हाउस कांड पर सुनियोजित तरीके से विरोधाभासी बयानबाजी कर रहे हैं।
यह एक साजिश है जिससे साम्प्रदायिक ताकतों को बढ़ावा मिलेगा। कुछ कांग्रेस नेता एक तरफ तो मुसलमानों को रिझाने के लिये मुठभेड़ को फर्जी बताते हैं, वहीं कुछ उसे सही ठहराते हैं। यह मुसलमानों को बेवकूफ बनाने का राजनीतिक षड्यंत्र है। गौरतलब है कि 19 सितम्बर 2008 को दिल्ली के बटला हाउस इलाके में इंडियन मुजाहिदीन के संदिग्ध आतंकवादियों से हुई कथित मुठभेड़ में आतिफ अमीन तथा मोहम्मद साजिद नामक दहशतगर्द मारे गये थे जबकि दो अन्य संदिग्ध मोहम्मद सैफ तथा जीशान को गिरफ्तार कर लिया गया था। एक अभियुक्त आरिज खान भाग निकला था। इस मुठभेड़ में शामिल पुलिस दल की अगुवाई कर रहे इंस्पेक्टर एमसी शर्मा की भी इस कांड में गोली लगने से मृत्यु हो गयी थी।
मुसलमानों को आरक्षण देने के मुद्दे पर कांग्रेस की नीयत पर शक जाहिर करते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि अल्पसंख्यकों को दिये गये साढ़े चार प्रतिशत आरक्षण के दायरे में आठ जातियां और मजहब शामिल हैं। हिसाब लगाएं तो मुसलमानों के हिस्से में 0.80 प्रतिशत आता है जो उंट के मुंह में जीरे के बराबर भी नहीं है। चुनावी मौसम में प्रदेश में कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की सक्रियता और उसके सम्भावित नतीजे के बारे में पूछे जाने पर यादव ने किसी का नाम लिये बगैर कहा कि पार्टी और उसके एक नेता की छवि चमकाने के लिये भारी मात्रा में धन का इस्तेमाल किया जा रहा है।
विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में आने पर मुसलमानों को समुचित आरक्षण देने का वादा करते हुए यादव ने कहा अल्पसंख्यक आरक्षण राजनीतिक लाभ के लिये अपनाया गया हथकंडा मात्र है लेकिन यह कांग्रेस के लिये आत्मघाती साबित होगा, क्योंकि मुसलमान कांग्रेस के बदनुमा मंसूबों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। उन्होंने कहा इससे कोई फायदा नहीं होगा, क्योंकि नेता वह होता है जिसका कोई जनाधार हो, और कांग्रेस में ऐसा कोई नेता नहीं है। सपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए पुराने मित्र और पिछड़े वर्ग के वोट बैंक में सेंध लगाकर सपा को ही नुकसान पहुंचाने की कोशिश में जुटे केन्द्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा के बारे में पूछे जाने पर यादव ने कहा कि उनका वर्मा से 34 साल पुराना नाता है और इसी तकाजे के चलते उन्होंने उनके इस्पात मंत्री बनने पर बधाई दी थी और पुराने रिश्तों का लिहाज करते हुए वह उनके बारे में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।












Click it and Unblock the Notifications