फेक आईडी बनाकर पर्सनल इंफार्मेशन हासिल कर रहे हैं आतंकी

वीमैन ने भारत सहित दुनिया भर की आतंकी गतिविधियों पर काफी कार्य किया है और इस विषय पर न सिर्फ उनकी कई किताबें हैं बल्कि कई अनुसंधान पत्र भी प्रकाशित हुए हैं। उन्होंने पासवर्ड से सुरक्षित की गयी वेबसाइटों का भी दशक भर से अधिक समय तक अध्ययन किया है। उन्होंने बताया कि फेसबुक, चैटरूम, यूट्यूब और अन्य ऐसी ही वेबसाइटों ने इंटरनेट की दुनिया में क्रान्ति ला दी और आतंकवादी संगठन विशेषकर इस्लामिक आतंकी संगठन इनका जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं।
सामाजिक मीडिया के जरिए आतंकी संगठन फ्रेंड्स रिक्वेस्ट भेजते हैं और नये दोस्त बनाकर उन्हें अपनी विचारधारा के प्रति समर्थन के लिए मनाने का प्रयास करते हैं। वे वीडियो क्लिप भी ऐसी वेबसाइटों पर अपलोड कर रहे हैं। वीमैन के मुताबिक अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन जैसे देशों ने अपने सशस्त्र बलों को निर्देश दिया है कि वे फेसबुक खाते से सभी व्यक्तिगत जानकारियां हटा दें ताकि अल कायदा जैसे संगठन संवेदनशील सूचनाओं तक एक्सेस न हासिल कर सकें। वीमैन ने दावा किया कि आतंकवादी संगठन फेसबुक का दोहरा इस्तेमाल करते हैं।
एक तो इसके जरिए वे नये सदस्यों की भर्ती करते हैं, दूसरे यह उनके लिए खुफिया जानकारी हासिल करने का मंच भी साबित होता है। फेसबुक के कई सदस्य इस बात की परवाह नहीं करते कि वे किसके फ्रेंडशिप ऑफर को स्वीकार कर रहे हैं और किसे अपने व्यक्तिगत जीवन के बारे में संवेदनशील जानकारियां बांट रहे हैं। आतंकवादी भी समानान्तर रूप से फर्जी प्रोफाइल बनाते हैं, जिससे वे अधिकाधिक उपयोग होने वाली सामाजिक नेटवर्किंग वेबसाइटों तक एक्सेस बना लेते हैं।
वीमैन ने बताया कि हमास की सैन्य विंग के ओपन फोरम में वेबसाइट पर दोस्तों के बीच कुछ इस तरह की बातें भी होती हैं, मैं जानना चाहता हूं कि सेना की जीप उडाने के लिए विस्फोटक कैसे बनाया जाए। उन्होंने बताया कि यह सवाल करने वाले को सवाल का जवाब तत्काल मिला और उसे विस्तृत निर्देश भी हासिल हुए।












Click it and Unblock the Notifications