मायावती के गांव को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

Uttar Pradesh Chief Minister Mayawati
दिल्ली (ब्यूरो)। ग्रेटर नोएडा के बादलपुर गांव यानी मायावती का पैतृक गांव के किसान भी भूमि अधिग्रहण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने किसानों की अधिग्रहण निरस्त करने की मांग पर उत्तर प्रदेश सरकार, ग्रेटर नोएडा अथारिटी व कलेक्टर को नोटिस जारी किया है। मालूम हो कि घोड़ी बछेड़ा गांव के किसानों की याचिका पर कोर्ट पहले ही नोटिस जारी कर चुका है। किसानों ने अपनी याचिका में इलाहाबाद हाईकोर्ट के गत वर्ष 21 अक्टूबर के फैसले को चुनौती दी है।

किसानों की याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति आरएम. लोधा व न्यायमूर्ति एचएल. गोखले की पीठ ने ये नोटिस जारी किए। किसानों ने यह कहते हुए हाईकोर्ट के फैसले का विरोध किया है कि उन्होंने बढ़ा मुआवजा नहीं मांगा था। उन्होंने गैरकानूनी अधिग्रहण रद करने की मांग की थी। किसानों का कहना है कि अधिग्रहण निरस्त कर उनकी जमीन उन्हें वापस दिलाई जाए। मालूम हो कि हाईकोर्ट की पूर्ण पीठ ने गत वर्ष 21 अक्टूबर को 67 गांवों के किसानों की साढ़े चार सौ से ज्यादा याचिकाओं का निपटारा करते हुए ज्यादातर अधिग्रहण को हरी झंडी दे दी थी।

सरकार को मुआवजा बढ़ाने का आदेश दिया था। कोर्ट ने मुआवजे की कई श्रेणियां तय की थीं। हालांकि हाईकोर्ट ने तीन गांव का अधिग्रहण गैरकानूनी बताते हुए निरस्त कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट पहुंचने वाले किसानों की यही दलील है कि जिस आधार पर तीन गांव का अधिग्रहण निरस्त किया गया है वही आधार उनके मामले में भी लागू होत हैं फिर हाईकोर्ट का फैसला उनके बारे में भिन्न क्यों है।

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