मुसलमानों का साथ नहीं इसलिए भाजपा ने कुशवाहा को गले लगाया

लखनऊ। बाबू सिंह कुशवाहा को शामिल करके अपनों के ही निशानों पर आयी भाजपा को शायद यह लगने लगा है कि इस बार के चुनाव में उसे मुस्लिमों का समर्थन नहीं मिलने वाला है इसलिए उसने दलितों के वोट पर डाका डालने की सोची। जिसके चलते उसने बाबू सिंह कुशवाहा को गले लगाया है। कुशवाहा के पार्टी में शामिल होने के बाद लगातार उसके कुछ चुनिंदा नेता जैसे विनय कटियार और अनंत कुमार यही कह रहे हैं कि बाबू सिंह पिछड़ों के बड़े नेता है। वो दलितों के मसीहा है।

इसका मतलब तो यही निकाला जा रहा है कि पिछड़ो को अपने साथ करने के लिए भाजपा ने यह कदम उठाया है। क्योंकि उसने ना तो माया की तरह राज्य में दलितों का गुणगान किया है और ना ही राहुल गांधी की तरह दलितों के घर खाना खाया है इसलिए चुनावों के ठीक पहले वो दलितों को खुश करने के लिए कुशवाहा को अपने साथ लेकर आयी है।

वैसे राजनीति पंडितो का कहना है कि भाजपा समझ चुकी है कि उसे इस बार मुस्लिम समुदायों से कोई मदद नहीं मिलने वाली है। प्रदेश की 19 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखने वाले मुसलमान किसी भी पार्टी का भविष्य बदल सकते हैं। इसलिए सपा और कांग्रेस दोनों ही उन्हें रिझाने में जुटे हैं।

प्रदेश पर करीब 40 साल तक शासन कर चुकी लेकिन पिछले 22 सालों से यूपी से दूर रहने वाली कांग्रेस ने प्रचार शुरू करने से पहले ही मुस्लिम आरक्षण की बात छेड़ कर मुसलमानों के चेहरे पर खुशी लाने की कोशिश की है। तो वहीं सपा अल्प संख्यकों से सत्ता में आने पर आरक्षण के प्रतिशत में बढ़ोत्तरी करने का वादा कर रही है।

कमल के खेमे से ना तो इस तरह की बयानबाजी आयी है और ना ही उन्होंने इस पर कोई प्रतिक्रिया दी है इसलिए उसने सोचा कि अगर उसे 113 सीट यानी मुस्लिम बाहुल्य से निराशा मिलती भी है तो वो बाकी सीटों पर जहां दलितों का वोट बैंक है उसे अपने पक्ष में कर लें तो वो राजनैतिक समीकरण बदल सकती है।

पिछले आंकड़ो की बात करे तो आज भी भाजपा, मुस्लिमों के दिलों में जगह नहीं बना पायी है इसलिए उसने इस बार दलितों को रिझाने की सोची जिसके चलते वो इस चुनावी जंग में मायावती को चुनौती दे सकती है ।

क्योंकि उसे कही ना कही यही लगता है कि कुशवाहा को मायावती ने बाहर निकाला है जिसके चलते दलितों का एक बड़ा समुदाय माया के विरोध में खड़ा है इसलिए उन्हें साथ करने के लिए भाजपा ने तमाम विरोधो के बावजूद कुशवाहा को अपने खेमे में ले लिया है। देखते हैं कि उसका यह दांव उसे क्या गुल खिलाता है उसे सत्ता मिलती है या फिर लोगों की उपेक्षा?

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+