‘बदमाश कंपनी’ को बनाया गुरू, ठगा व्यापारी को

इस षड्यंत्र में एक युवती भी शामिल है जिसके साथ साथ पुलिस दो अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। जिला के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त वी. रंगनाथन ने बताया कि मुनिरका निवासी ठेकेदार तरजीत सिंह ने 10 नवंबर को ठगी की शिकायत की। उसने बताया कि उसे एक युवक धनलक्ष्मी बैंक के कर्मचारी होने के नाते से मिला। उसने आश्वासन दिया कि वह उसका बैंक में अकाउंट खुलवा देगा। जिसमें वह 25 से 30 लाख का ट्रांजेक्शन कर सकता है। इसके एवज में उसने 1250 रुपये का चेक लिया।
चेक पर रकम लिखने के लिए उसने अपना पेन दिया था। इसके साथ उसके कुछ कागजात लिए। पांच सितंबर को सोमिया नामक युवती ने उसे फोन कर बताया कि उनका धनलक्ष्मी बैंक में खाता खुल गया है। 13 सितंबर को जब उसने तरजीत ने अकाउंट चेक किया तो उससे 4.10 लाख निकाले जा चुके हैं। यह रकम उसी चेक से निकाली गई है। जिसे उसने बैंक अकाउंट खुलवाने के दौरान युवक को दिया था।
पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस से दोनों को दबोच लिया। पुलिस ने इनके पास से एक लैपटॉप और गिटार बरामद लिया है। दीपक मिश्रा ने बताया कि उसे फिल्मों में काम करने का शौक है। इसके लिए रुपये की जरूरत थी। उसने अपने दोस्तों दीपक कुमार, मनीष और एक युवती के साथ फिल्म ‘बदमाश कंपनी’ देखी। फिल्म देखकर उन लोगों ने ठगी की साजिश रची। साहिल ने मेजिक पैन का इंतजाम किया जबकि युवती ने धनलक्ष्मी बैंक की कर्मचारी की भूमिका अदा की। रुपये निकालने के बाद वह मुंबई गया।












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