'भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बेनकाब हो गयी भाजपा'

त्रिपाठी ने कहा कि राज्यसभा में लोकपाल के मुद्दे पर वोटिंग न हो पाने के बाद भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन गडकरी द्वारा जिस प्रकार आनन-फानन में प्रेसवार्ता के माध्यम से इसका ठीकरा यूपीए पर फोड़ते हुए जनआन्दोलन और प्रदर्शन करने की घोषणा की थी, पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता की उपेक्षा से उसकी हवा निकल गयी।
एक ओर जहां भाजपा के राष्ट्रीय नेता श्री लालकृष्ण आडवाणी ने भ्रष्टाचार और कालेधन के मुद्दे पर रथयात्रा निकाली तथा ऐसा प्रदर्शित किया कि भाजपा पूरी तरह भ्रष्टाचार के खिलाफ है। वहीं दूसरी ओर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री मुख्तार अब्बास नकवी तथा सचिव श्री किरीट सोमैया द्वारा एक दिन पहले प्रेसवार्ता में भाजपा में शामिल किये गये पूर्व मंत्री श्री बाबू सिंह कुशवाहा के भ्रष्टाचार से सम्बन्धित दस्तावेज के साथ ही उनके विरूद्ध आग उगली और दूसरे दिन ही उन्हें अपनी पार्टी में शामिल कर लिया।
इससे यह साबित हो गया कि वह प्रेसवार्ता सिर्फ सौदेबाजी के लिए संदेश देना भर था। सौदा होते ही श्री कुशवाहा को भाजपा में शामिल कर लिया गया।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि जहां एक तरफ भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाकर आडवाणी जी रथयात्रा निकाल रहे थे वहीं दूसरी तरफ प्रदेश भाजपा मुख्यालय पर आये दिन भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं द्वारा प्रेसवार्ता करके मायावती सरकार के मंत्रियों के काले कारनामों की बुकलेट छपवाकर बांटी तथा महामहिम राज्यपाल और लोकायुक्त को ज्ञापन सौंपकर मायावती सरकार की बर्खास्तगी की मांग करते हुए उनके मंत्रियों को जेल भेजने की मांग कर रहे थे। जबकि सच्चाई यह थी कि अन्दरखाने बसपा सरकार के उन्हीं भ्रष्ट मंत्रियों से सौदेबाजी कर रहे थे।












Click it and Unblock the Notifications