पंजाब चुनाव: साहब गए चुनाव लडऩे, मुलाजिमों की हुई मौज

दूसरी तरफ मंत्रियों को मिलने के लिए आने वाले भी अब नहीं आ रहे। विभागीय शाखाओं में काम करने वाले कर्मचारियों की भी पूरी मौज लगी हुई है। वे भी अपने साहब के हुकम के साथ-साथ चलते हैं और इसी कारण जब साहब बंक मार रहे हैं तो मुलाजिम भी बंक मारने में देरी नहीं करते। कई विभागों के कर्मचारियों ने बताया कि आचार संहिता लगने के कारण दो महीने काम नहीं होगा।
गलियारों में बोल रहे हैं कबूतर
सचिवालय की कैंटीन में भी खान-पान कम हो गया है। सचिवालय के चारों तरफ सन्नाटा पसर गया है और सचिवालय के गलियारों में कबूतर बोल रहे हैं, जहां कभी चारों तरफ से आने वाले लोगों की भीड़ लगी रहती थी। जानकारी केअनुसार, पिछले दो सप्ताह से सचिवालय में न तो मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्रीऔर न ही कोई मंत्री आया है, खास तौर पर आचार संहिता लगने के बाद।
मंत्रियों के कार्यालयों में दो सप्ताह पहले जहां फाइलें पड़ीं थीं वे आजभी वहीं पड़ी हैं। सचिवालय की पांचवी मंजिल पर स्थित शिक्षा मंत्री सेवासिंह सेखवां, वित्त मंत्री डा. उपिंदरजीत कौर, परिवहन मंत्री सुरजीज्याणी, खाद्य व आपूर्ति मंत्री आदेश प्रताप सिंह कैरों, स्थानीय निकाय मंत्री तीक्ष्ण सूद व ग्रामीण विकास व पंचायत मंत्री रणजीत सिंह
ब्रंपुरा के कार्यालय भी सुनसान पड़े हैं। परंतु जब मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के कार्यालय का चक्कर लगाया गया तो वहां उनके कार्यालय का
स्टाफ उपस्थित था।
चुनाव आचार संहिता लगने के बाद जहां मंत्री, विधायक चुनाव मैदान मेंव्यस्त हैं वहीं कोई भी अंकुश न होने से अफसरों की भी मौज लगी हुई है। सिविल सचिवालय, मिनी सचिवालय और पुलिस मुख्यालय में मंगलवार को विभिन्नविभागीय कार्यालयों के दौरे के दौरान पाया गया कि कई अधिकारी तो आधे दिनके बाद भी नहीं आते व कई आधे दिन से पहले ही चले जाते हैं। न नई फाइल आनी है व न ही पुरानी जानी है इसी कारण अवसर मिलने पर छुट्टी कर ली जाती हैऊपर से ठंड भी अधिक पडऩे लगी है।












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