मुलायम का मुखर्तापूर्ण चुनावी हथकंडा!

Uttar Pradesh SP supremo Mulayam Singh Yadav
लखनऊ। जब तक यूपी में चुनाव नहीं हो जाते तबतक वहां की सड़कों पर साइकिल नहीं चलेगी, तालाबों में कमल नहीं खिलेंगे और लोग एक दूसरे को हाथ उठाकर हॉय-हैलो नहीं बोलेंगे। ऐसा तब होगा जब मुलायम सिंह की चुनाव आयोग से की गई शिकायत को अमल में लाया जायेगा। सपा मुखिया मुलायम सिंह ने यूपी में चुनाव आचार संहिता लागू होने के मद्देनजर राजधानी लखनऊ में विभिन्‍न स्‍थानों पर मुख्‍यमंत्री मायावती और उनकी पार्टी के चुनाव चिन्‍ह हाथी की प्रतिमाएं हटवाने की कार्रर्वाइ के लिये चुनाव आयोग से शिकायत की है।

सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि शहर में जगह-जगह मुख्यमंत्री मायावती और बसपा के चुनाव निशान हाथी की मूर्तियां लगी हैं जो किसी न किसी तरह बसपा का प्रचार कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी फायदे के लिये बसपा सरकारी तंत्र का जमकर दुरुपयोग कर रही है और स्वतंत्र तथा निष्पक्ष चुनाव के लिये आयोग को हालात पर नजर रखनी चाहिये। ऐसे में अगर मुलायम सिंह की इस शिकायत को राजनीतिक हवा मानें तब तो ठीक है मगर इसका व्‍यवहारिक मायना बेबुनियाद है।

उदाहरणार्थ बात करें तो चौराहों पर लगा हाथी अगर माया का प्रचार करता है तो कहीं ना कहीं सड़क पर चलने वाली साइकिल सपा का समर्थन करती है। इतना ही नहीं तालाब में खिलने वाला कमल भाजपा का और लोगों के अभिवादन में उठने वाले हाथ कांग्रेस के प्रचारक हैं। आपको बताते चलें कि माया चुनाव से पूर्व ही एक हलफनामा दाखिल कर इस मामले में अपनी सफाई पेश कर चुकी हैं। ऐसे में सब कुछ साफ है और अगर अब भी मुलायम इसे मुद्दा बनाते हैं तो यह निश्वित तौर पर मुखर्तापूर्ण चुनावी हथकंडा होगा।

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