फेसबुक पर प्यार और दोस्त को मारने की ठानी

फिर वह वह बिना वारदात किए वापस घर के लिए चल दिया। चेकिंग के दौरान पुराना गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने उसे दबोचा तो उसने यह सनसनीखेज खुलासा किया। जीआरपी इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार राणा ने बताया कि चेकिंग के दौरान रिजर्वेशन काउंटर के पास से राजदेव पंडित को पकड़ा गया। झारखंड में गोड्डा जिले के गुलजार बाग में रहने वाले राजदेव के पास से पुलिस ने चाकू, खुखरी, लोहा काटने की आरी, लोहे का तार और तमंचा बरामद किया। राजदेव ने बताया कि वह बचपन के साथी निशांत की हत्या करने आया था।
दिल्ली में इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहा निशांत उत्तम नगर स्थित हॉस्टल में रहता है। उसने बताया कि निशांत और वह पटना में सैनिक स्कूल में कक्षा-6 से साथ पढ़ते थे। डेढ़ साल पहले फेसबुक के जरिये उनकी पहचान मुंबई में रहने वाली सुजैन नामक युवती से हुई। कई बार इस युवती से वॉयस चैटिंग भी हुई। सुजैन दोनों से बात करती थी। यह उसे अच्छा नहीं लगता था।
कई बार उसने निशांत को मना भी किया, लेकिन वह नहीं माना। इसी कारण वह टेंशन में रहने लगा और इंटर की बोर्ड परीक्षा में फेल हो गया। वहीं, निशांत दिल्ली आकर इंजीनियरिंग की तैयारी करने लगा।राजदेव ने बताया कि छह माह पूर्व सुजैन मुंबई छोड़कर लंदन चली गई। इसके बाद सुजैन की उससे कोई बात नहीं हुई। उसे शक था कि सुजैन और निशांत अब भी बात करते हैं। उसने निशांत को ठिकाने लगाने की साजिश रची और 30 दिसंबर की शाम वह उसके हॉस्टल जा पहुंचा।
उस समय निशांत के साथ हॉस्टल में कुछ अन्य युवक भी थे। निशांत ने उससे प्यार से बात की, खाना खिलाया, तो उसे पश्चाताप हुआ और वह रात को ही हॉस्टल से चला आया। राजदेव उस रात दिल्ली में रहने वाले अपने एक अन्य साथी सतीश के पास रुका। 31 दिसंबर को वह पटना जाने के लिए गाजियाबाद स्टेशन से टिकट खरीद रहा था। इसी बीच जीआरपी ने उसे पकड़ लिया। जीआरपी के हत्थे चढ़े राजदेव पंडित के सिर पर जैसे खून सवार था। उसके पास से बरामद ब्लेड, आरी, चाकू, खुखरी, तमंचा और एक कागज के टुकडे़ से उसके इरादों का पता चलता है। कागज के इस टुकडे़ पर उसने 9 बार ‘आई विल किल हिम’ लिखा हुआ है। इतने औजारों के बारे में पूछने पर वह कहता है, उसे जो मिला वह समेट लिया। जिस भी औजार से मुमकिन होता, वह निशांत का कत्ल कर देता।
राजदेव के पिता हरिहर पंडित झारखंड सिंचाई विभाग में ओशियर पद पर तैनात हैं। चार भाई-बहन में राजदेव सबसे छोटा है। उसका बड़ा भाई पोस्ट आफिस में काम करता है। एक भाई और बहन ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहे हैं। राजदेव के अनुसार, एक माह से उसके दिमाग में सिर्फ एक ही बात थी कि निशांत को रास्ते से हटाना है। एक माह पहले उसने पटना स्टेशन से चाकू और खुखरी, सोनपुर मेले से तीन हजार रुपये में 315 बोर का तमंचा और 2 कारतूस खरीदे थे।
राजदेव का कहना था कि जब वह घर से चला तो उसने चाकू-खुखरी और तमंचे के अलावा ब्लेड, आरी और लोहे का तार भी रख लिया। उसका मानना था कि अगर कुछ न हो सकेगा तो निशांत की गर्दन में लोहे का तार कसकर उसकी जान ले लेगा। जीआरपी ने निशांत को बुलाकर जब राजदेव के इरादों की जानकारी दी तो, वह भी हैरान रह गया। निशांत बार-बार उससे अपनी गलती पूछता रहा, लेकिन राजदेव नजरें झुकाकर चुपचाप बैठा रहा।












Click it and Unblock the Notifications