बाबा रामदेव को गरियाकर क्या सिद्ध करना चाहते हैं दिग्विजय

कुछ दिनों की चुप्पी के बाद कांग्रेस महासचिव और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी मामलों के प्रभारी दिग्विजय सिंह ने योग गुरू रामदेव पर हमला बोल दिया। उन्होंने कहा कि काले धन को देष में वापस लाने की बातें करने वाले रामदेव स्वयं मनी लॉड्रिंग करते हैं और इस काले कारोबार में लिप्त हैं। उन्होंने कहा कि अपनी कमियों को छिपाने के लिए वह इस प्रकार की बातें कर जनता को बरगला रहे हैं। दिग्विजय ने दावा किया कि रामदेव को योग नहीं आता है।
पार्टी के महासचिव राहुल गांधी के साथ पांच दिन के जन सम्पर्क अभियान के तहत प्रदेश का दौरा कर रहे सिंह योगगुरू व अन्ना हजारे को छोड़ने को तैयार नहीं हैं। दिग्विजय ने कहा कि बाबा रामदेव काले धन की बात करते हैं लेकिन वह खुद इसके बड़े कारोबारी हैं। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव मनी लांड्रिंग जैसे अवैध कारोबार में शामिल रहे हैं। उनके अनुसार अपना गलत काम छिपाने के लिये वह बार बार काले धन की बात उठाते हैं।
दिग्विजय सिंह ने यहां तक कह डाला कि बाबा को योग ही नहीं आता और वह लोगों को गलत योग सिखाते हैं। उन्होंने कहा कि बाबा के बताये योग से लोगों की बीमारी कभी ठीक नहीं हो सकती। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि लोगों को बाबा रामदेव की योग कक्षा में नहीं जाना चाहिये। कांग्रेस महासचिव ने लोगों को बाबा रामदेव के पतंजलि आरोग्य संस्थान की बनी दवा भी नहीं खाने की सलाह दी और कहा कि दवाईयां पैसे कमाने के लिये बनायी जाती हैं और इससे बीमारी ठीक नहीं हो सकती। बाबा रामदेव, अन्ना हजारे और आरएसएस का गठजोड़ अब सामने आ गया है। अन्ना हजारे आरएसएस के इशारे पर मजबूत लोकपाल के बहाने देश के लोगों को गुमराह कर रहे हैं।
दिग्विजय के इस बयान से यह तो साफ है कि लोकपाल बिल के राज्यसभा में पास नहीं होने के कारण सभी कांग्रेसी काफी बौंखलाये हुए हैं, लेकिन इस बौंखलाहट में रामदेव पर कीचड़ उछालने का क्या औचित्य है, यह सिर्फ वही जानते हैं। खास बात यह है कि इधर कई दिनों से बाबा ने भी कांग्रेस के खिलाफ कोई बड़ा बयान नहीं दिया, तो कांग्रेस को क्यों इतनी मिर्ची लग रही है। खैर कुल मिलाकर दिग्विजय ने यह फिर से सिद्ध कर दिया कि वो बयान देते वक्त समय या विषय का खयाल नहीं रखते।












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