यूपी बंटवारे पर बोलीं माया, केंद्र ने प्रस्ताप का सम्मान नहीं किया

मायावती ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि केंद्र ने प्रस्ताव की चिट्ठी राज्य सरकार को भेजने से पहले मीडिया को भेज दिया था। केंद्र सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए मायावती ने कहा कि केंद्र बंटवारे के मुद्दे को टालना चाह रही है। माया ने कहा कि राज्य-पूनर्गठन और विघटन के लिए कानून संसद में बनते हैं। या पास होते हैं। इस संबंध में केंद्र सरकार के पास ही अधिकार है। जिसे राष्ट्रपति से पास कराना जरूरी होता है। आपको बता दें कि गृह मंत्रालय ने बंटवारे के प्रस्ताव को वापस लौटाते हुए मायावती को सवालों की एक लिस्ट भेजी थी। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर मायावती पर आरोप लगाया था कि यूपी सरकार ने सस्ती लोकप्रियता के लिए ऐसा फैसला किया है।
गृह मंत्रालय की तरफ से सावालों की जो लिस्ट भेजी गई है उसमें, बंटवारे के सुझाव का आधार क्या है? प्रस्तावित राज्यों की सीमाएं क्या होंगी? किन शहरों को राजधानी बनाया जाएगा? यूपी में तैनात आईएएस अफसरों का बंटवारा कैसे होगा? मौजूदा प्रशासनिक इकाइयों को नए राज्यों के बीच कैसे बांटा जाएगा? यूपी पर जो कर्ज है, उसका क्या होगा? क्या इस बात का अध्ययन किया गया कि बंटवारा आर्थिक रूप से कितना व्यावहारिक होगा? जैसे सवाल शामिल हैं। इन्हीं मामलों पर आज मायावती ने कहा कि जिस तरह उत्तराखंड का बंटवारा किया गया था उसी तरह उत्तर प्रदेश का भी बंटवारा किया जाये।












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