सुषमा स्वराज नहीं महबूबा झूठी

महबूबा मुफ्ती झूठी हैं। अपने बयाने को सिद्ध करने के लिए सुषमा स्वराज ने शनिवार को राष्ट्रीय एकता परिषद (एनआईसी) के मिनट्स का संबंधित पैरा जारी किया जिसमें मुफ्ती ने चेन्नई के किसी मुस्लिम व्यापारी का हवाला देते हुए मोदी शासन की प्रशंसा की है। इससे पहले जब सुषमा ने महबूबा के इस बयान का जिक्र किया था तो महबूबा ने कहा था कि सुषमा ने बयान को तोड़मरोड़ कर पेश किया है।
उन्होंने सरकार से एनआईसी बैठक का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग करते हुए कहा था कि बैठक में उन्होंने कभी भी मोदी शासन की प्रशंसा नहीं की थी। गौरतलब है कि 19 सितंबर को अहमदाबाद में अनशन के दौरान सुषमा ने मोदी शासन का उल्लेख करते हुए महबूबा मुफ्ती की ओर से भी सर्टिफिकेट दे दिया था, लेकिन तब महबूबा ने इसका खंडन किया था। शनिवार को ट्विटर पर सुषमा ने अपने बयान का सबूत दिया। उन्होंने कहा कि बैठक के विस्तृत मिनट्स उनके पास आ गए हैं।
इनसे साफ है कि बैठक में मुफ्ती ने कहा था- चेन्नई में मैं एक मुस्लिम व्यवसायी से मिली थी जो कभी मोदी से मिलने गया था। वह मोदी से बहुत प्रभावित हुआ था। उनका काम दस मिनट के अंदर हो गया था। जाहिर है कि अब मुफ्ती के सामने पार्टी और अवाम की तरफ से नई चुनौतियां सामने खड़ी हो सकती है।












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