मकान के नाम पर ठग लिए 1.17 करोड़ रुपये

दक्षिण जिला डीसीपी छाया शर्मा के अनुसार सिरीफोर्ट निवासी निर्मला मोदी (पत्नी सुरेंद्र मोदी) ने 13 जुलाई, 2011 को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा था कि टोनी से उसके गुड़गांव के डीएलएफ, फेस-एक स्थित मकान को बेचने की डील 1.17 करोड़ रुपये में तय की थी। थामस ने निर्मला को बताया कि उसने मकान गिरवी रखकर बैंक से लोन ले रखे हैं, अगर वह पेमेंट पहले कर देंगी तो वह लोन चुकाकर बैंक में गिरवी रखे मकान के कागजात और
एनओसी उन्हें दे देगा।
निर्मला ने उसे पूरी पेमेंट कर दी, मगर थामस ने न तो बैंक का लोन चुकाया और न ही उसे कागजात दिए। इसके बाद फरार हो गया। मामला दर्जकर पुलिस टीम ने जमशेदपुर से थामस को गिरफ्तार कर लिया। थामस ने बताया कि उसने निर्मला से रकम लेकर अपने अन्य बैंक लोन चुका दिए, मगर मकान वाला लोन नहीं चुकाया। उसने सिटी फाइनेंस कंजूमर फाइनेंस इंडिया लि. में काम करने वाले मुकुल भीमानी से संपर्क किया।
उसने साढ़े पांच लाख में बैंक से उसके मकान के कागजात और एनओसी लाने की बात की। थामस ने उसे करीब ढाई लाख रुपये दिए। कुछ दिन बाद मुकुल ने बैंक से एनओसी लाकर थामस को दे दी। थामस ने उसे निर्मला मोदी को दे दिया था। सिटी बैंक से निर्मला को पता कि वह एनओसी फर्जी थी। थामस ने बैंक को कोई लोन नहीं चुकाया था। थामस का गुड़गांव में कंप्यूटर इंस्टीटूट था और गुवाहाटी, आसाम में चाय बनाने की यूनिट लगा रखी है।












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