इशरत जहां मामले में नपे कई पुलिसकर्मी

जब कोई परिणाम निकलता नजर नहीं आ रहा था तो गुजरात उच्च न्यायालय ने सीबीआई को आदेश दिया कि वह मामला अपने हाथ में लेते हुए आगे की जांच संभाले। गौरतलब है कि वर्ष 2004 में 19 वर्षीय इशरत जहां, जावेद शेख उर्फ प्राणेश पिल्लै, अमजद अली राणा और जीशान जौहर को अहमदाबाद में एक फर्जी मुठभेड़ में मार गिराया था।
विशेष जांच टीम (एसआईटी) के अनुसार ने इशरत जहां मुठभेड़ को फर्जी करार दिया है। एसआईटी ने बताया था कि गुजरात पुलिस ने छात्रा इशरत जहां फर्जी और उसके तीन रोस्तो को फर्जी मुठभेड़ में मार गिराया था और उसके बाद उनको आतंकी करार दे दिया गया। बाद में उनको का आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जोड़ दिया गया कि वे गुजरात के मुख्यमंत्री को मारने आये थे।












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