भारत का 128 अरब डॉलर विदेश में

चौंकाने वाला यह खुलासा ऐसे समय हुआ है जब भारत कालेधन से निपटने के तौर तरीकों पर गहनता से विचार कर रहा है। जीएफआई के अनुसार 2009 को समाप्त दशक में विकासशील देशों को 8440 अरब डालर का नुकसान हुआ। उसकी रिपोर्ट अपराध, भ्रष्टाचार और कर चोरी के माध्यम से विकासशील अर्थव्यवस्थाओं से बाहर जाने वाले धन की मात्रा पर केंद्रित है।
जीएफआई की सूची के अनुसार इन दस सालों में अवैध धन प्रवाह के सबसे अधिक शिकार जो 20 देश हैं उनमें चीन शिखर पर है और भारत 15 वें स्थान पर है। वहीं एनडीए के कार्यकारी अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने सरकार से मांग की कि विदेशी बैंकों में जमा कथित रूप से 25 लाख करोड़ रुपये देश में वापस लाने के तुरंत कदम उठाए जाएं और इस बारे में श्वेतपत्र जारी कर विदेशों में काला धन रखने वाले सभी लोगों के नाम बताए जाएं।












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