नेताओं को दी जाएगी चुनाव जीतने की ट्रेनिंग

एमएलएक के लिए 4 महीने की ट्रेनिंग के लिए करने होंगे 30 हजार रुपये। कोर्स में एनसीपी को शामिल किया गया है। लेकिन तृणमूल और डीएमके एआईडीएमके को नहीं शामिल किया गया है। दिलशाद गार्डन स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटिकल लीडरशिप (आईपीएल) में दाखिला ले रहे नेताओं की लिस्ट देखकर इसका अंदाजा लगाया जा सकता है कि समय के साथ नेतागीरी के अंदाज बदल रहे हैं।
इंस्टीट्यूट ने प्रत्याशियों को चुनाव जीतने के मंत्र सिखाने के लिए सात दिन का कोर्स लांच किया है। कोर्स में अब तक उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड आदि राज्यों के 50 भावी उम्मीदवार एडमिशन ले चुके हैं। संस्थान प्रबंधकों का कहना है कि उनके यहां आ रहे नेता चाहते हैं कि वे चुनाव लड़ने की रणनीति, आचार संहिता की जानकारी, भाषण की विधा में माहिर हो जाएं। डिमांड को देखते हुए ऐसी क्लास तैयार की जा रही है, जिसमें थ्योरी के साथ प्रैक्टीकल भी कराया जाएगा। विधानसभा क्षेत्र में जाकर व्यावहारिक प्रशिक्षण देना भी ट्रेनिंग का हिस्सा रखा गया है।
वैसे तो लीडरशिप की क्लास देश के विभिन्न संस्थानों में पहले से चल रही हैं मगर अब विधानसभा चुनाव के लिए नेताओं की खास क्लास शुरू हो रही है। संस्थान की सहायक निदेशक डा. रुपाली निश्चल ने बताया कि एडमिशन की शर्त सिर्फ इतनी है कि संबंधित व्यक्ति बालिग हिंदुस्तानी हो और उसके पास मतदाता पहचान पत्र जरूर हो। सात दिन के कोर्स की फीस दस हजार रुपये रखी गई है।
उम्मीदवारों के लिए खास सुविधा है कि वे चार समर्थकों के साथ प्रशिक्षण ले सकते हैं। गांधी टोपी, धोती और कुर्ता से कुर्ता-पाजामा तक का सफर तय करते-करते अब राजनीति में जींस-टी शर्ट का दौर आ चुका है। नौजवान नेता जानते हैं कि पब्लिक अब पहले जैसी नहीं रही है। सियासत में भी बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच लीडर बनने की राह मुश्किल होती जा रही है। यही वजह है, चुनाव की तैयारी में जुटे बहुत से नेता अपना व्यक्तित्व निखारने के लिए ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में जाकर ‘नेतागीरी’ की पढ़ाई करने से भी गुरेज नहीं कर रहे।












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