उपद्रव करनेवालों से वसूला जाएगा हर्जाना
दिल्ली
(ब्यूरो)। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले दंगाइयों और उपद्रवियों से जुर्माना वसूला जाएगा। सरकार ने ये दिशा-निर्देश अदालत के समक्ष पेश किए हैं। गौरतलब है अदालत ने सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान पर कड़ी नाराजगी जताते हुए सरकार से कड़ा कदम उठाने को कहा था। जस्टिस जीएस सिंघवी की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सॉलिसीटर जनरल रोहिंगटन नरीमन ने कहा कि दिशा-निर्देशों में जिलाधिकारियों को उन लोगों से जुर्माना वसूलने का अधिकार दिया गया है जो सार्वजनिक संपत्ति को विरोध-प्रदर्शन या अन्य वजहों से नुकसान पहुंचाते हैं। id="toptextpromo">नरीमन
ने कहा कि जिलाधिकारी ऐसे मामलों में संबंधित अदालत में आरोपियों के खिलाफ अभियोग चलाने की मांग भी कर सकते हैं। पीठ ने केंद्र की ओर से पेश दिशा-निर्देशों को रिकॉर्ड में लिया और उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की ओर से दायर याचिका पर जवाब दाखिल करने को कहा। पूर्व डीजीपी ने मणिपुर में हाल ही में सौ दिनों की आर्थिक नाकेबंदी के मसले पर प्रदर्शनकारियों से जुर्माना वसूलने की मांग की है। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>पीठ
के समक्ष दो पन्नों का दिशा-निर्देश पेश करते हुए अधिवक्ता तरुण शर्मा ने कहा कि केंद्र राज्यों के गृह सचिवों से नाकेबंदियों और सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की बुराई से निपटने और रेल-सड़क और हवाई रास्ता रोकने की कारगुजारियों पर रोक लगाने के समन्वय स्थापित करेगी। यदि राज्य ऐसी कारगुजारियों को 12 घंटे में रोकने में असफल रहती है तो राज्य के गृह सचिव को तत्काल केंद्रीय गृह सचिव से केंद्रीय बल या अन्य अर्ध सैनिक बल की व्यवस्था के संबंध में गुजारिश करनी होगी। केंद्र सरकार तत्काल इस संबंध में उचित कदम उठाएगी। पीठ ने सॉलिसीटर जनरल को सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान के मुद्दे पर अदालत की सहायता करने को कहा था।











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