दिल्ली में तीन साल तक नो सीलिंग, नो डिमोलिशन

पिछले वर्षो में दिल्ली मास्टर प्लान के नाम पर समय का विस्तार भले होता रहा हो, ठोस काम शायद कुछ नहीं हुआ। कमलनाथ ने इसका संकेत देते हुए कहा कि दिल्ली की जनसंख्या में पिछले दस वर्षो में 60 फीसदी से ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। लेकिन 2021 के लिए बने मास्टर प्लान में जमीनी हकीकत का ख्याल नहीं रखा गया। संसद ने अब दिसंबर 2014 तक का समय दे दिया है तो कमलनाथ ने स्पष्ट कर दिया कि नया प्लान आने तक ऐसे किसी घर या भवन को नहीं गिराया जाएगा जो न तो सरकारी जमीन पर है और न ही खतरनाक है। गरीबों को बसाए बिना शहर को संवारना संभव नहीं है।
गौरतलह है कि इस बारे में सूचना आपको पहले भी दैट्स हिंदी दे चुका है। जब इस पर रोक लगाने की तैयारी थी उसी समय दैट्स हिंदी ने आपको बताया था कि जल्द ही इसपर प्रतिबंध लग जाएगा क्योंकि सरकार को अगले दो सालों में चुनाव भी फेस करने हैं इसलिए सरकार काफी सोचविचार कदम उठा रही है।












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