काले धन मामले पर संसद में आमने-सामने विपक्ष व सरकार

काले धन मामले पर इतना विरोध झेलने वाली यूपीए सरकार ने अपने सबसे बड़बोले सांसदों में से एक और कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी को लोकसभा में जवाब देने के लिए चुना। इस दौरान मनीष तिवारी ने एनडीए और खासकर भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विदेशों में जो काला धन जमा है वह यूपीए सरकार का नहीं है। सरकार इस काले धन को वापस लाने की कोशिशें कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि काले धन को देश वापस लाने के लिए यूपीए सरकार ने ही पहल की है। इस दौरान उन्होंने काले धन की वापसी के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदम की भी जानकारी दी।
लोकसभा में काले धन मामले पर चली इस बहस में आडवाणी ने कहा कि विदेशों में भारत का 25 लाख करोड़ रुपया जमा है। उन्होंने कहा कि इस पैसे को वापस लाकर 6 लाख गावों का विकास किया जा सकता है। काले धन पर टिप्पणी करते हुए मुलायम सिंह ने कहा कि इस काले धन की मदद से देश की लगभग 50 करोड़ जनता के खाने का इंतजाम हो सकता है। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार काले धन को वापस ले आती है तो भारत विदेशी कर्ज से भी मुक्त हो सकता है।
जेदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने विदेशी निवेश्ा को काले धन के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि काले धन की वजह से दुनिया में आतंकवाद को बढ़ावा मिला है। काले धन मामले पर विपक्ष की तरफ से बोलते हुए भाजपा के युवा सांसद रवि ठाकुर ने कहा कि सरकार के पास काले धन मामले पर कई अहम जानकारियां हैं फिर भी इन्हें उजागर नहीं किया जा रहा है। इस मामले पर सरकार की तरफ से जवाब देते हुए कहा कि सरकार ने काले धन मामले पर कुछ देशों से कई अहम समझौते किए हैं। इन समझौतों की मजबूरी की वजह से सरकार काले धन पर मिली जानकारियों को उजागर नहीं कर सकती है। खबर जारी












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