अब किसान भी होंगे मनरेगा में शामिल

जॉब कार्ड बनने के बाद रोजगार के लिए आवेदन करना होगा। मनरेगा अधिकारी निर्धारित समय तक रोजगार मांगने पर जॉब कार्ड धारक को रोजगार देंगे। रोजगार न मिलने की दृष्टि में बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान है। जॉब कार्ड धारक को एक साल में 100 दिन का रोजगार उपलब्ध करवाया जाता है। हर रोज 179 रुपए मजदूरी दी जाती है। इस योजना में शामिल पांच एकड़ तक के किसान अपने खेतों में पौधरोपण, खालों, नालियों की सफाई, उबड़-खाबड़ जमीन को समतल कर सकेंगे।
किसानों को मनरेगा में शामिल करने की मांग काफी वर्षों से भारतीय किसान यूनियन करती आ रही थी। भाकियू के हलकाध्यक्ष सुरेंद्र श्योकंद, किसान पिरथी, जगफूल ने कहा कि किसान भी मजदूर है। खेतों में मजदूरों की तरह किसान फसल को तैयार करता है। किसानों को मनरेगा में शामिल किए जाने की मांग इस योजना के शुरू होते ही की जा रही थी।
इस योजना में अब किसान को शामिल किए जाने से किसानों को इसका फायदा होगा। अब अपने खेतों में खालों, नालों की सफाई किसान स्वयं इस योजना के तहत कर सकेंगे। खेतों में पौध रोपण सहित अनेक कार्य कर सकेंगे। मनरेगा अधिकारी एवं एबीपीओ राकेश कुमार ने बताया कि मनरेगा में किसानों को शामिल किए जाने पर अब तक कृषि अधिकारी के माध्यम से किसानों को इस योजना में शामिल किया जा रहा है। जल्द ही गांव-गांव जाकर कैंप आयोजित कर किसानों को इसके लिए जागरूक किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक किसान मनरेगा से जुड़ कर इसका फायदा उठा सकें।












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