आदिवासी महिला के मानवाधिकार का हुआ हनन: जोगी
रायपुर।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने एस्सार नोट कांड मामले में गिरफ्तार आदिवासी महिला सोनी सोढ़ी के साथ अमानवीय व्यवहार होने का आरोप लगाया है तथा उनके बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी राज्य सरकार को लेने की मांग की है। जोगी ने एक बयान जारी कर कहा है कि उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर आदिवासी महिला सोनी सोढ़ी की मेडिकल जांच रिपोर्ट के अनुसार उनके साथ जगदलपुर स्थित केंद्रीय जेल में अमानवीय हरकत की गयी थी। id="toptextpromo">सोढ़ी
की अपील व अमानवीय अत्याचार के कारण ही अदालत ने उन्हें रायपुर जेल में स्थानांतरण का आदेश दिया है। जोगी ने कहा है कि बस्तर की आदिवासी शिक्षिका सोनी सोढ़ी को राज्य सरकार ने माओवादी के साथ साठगांठ के आरोप में गिरफ्तार कर दंतेवाड़ा केंद्रीय जेल में बंद रखा। सोढ़ी की अपील पर उच्चतम न्यायालय के निर्देश के तहत कोलकाता स्थित एनआरएस मेडिकल कालेज अस्पताल में मेडिकल जांच की गयी। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>चिकित्सकों
के दल ने अपनी जांच रिपोर्ट में सोढ़ी के साथ जेल में उत्पीड़न तथा अमानवीय हरकत की बात कही है। उन्होंने कहा है कि इससे पहले मेडिकल रिपोर्ट में विलंब होने के कारण न्यायालय ने सोढ़ी की अपील की सुनवाई टाल दी थी। उच्चतम न्यायालय ने मेडिकल जांच रिपोर्ट के पश्चात भाजपा राज्य सरकार को मानव अधिकार हनन तथा अत्याचार के लिये जवाब तलब किया है और पूछा है कि एक आदिवासी शिक्षिका के साथ पुलिस हिरासत में अमानवीय अत्याचार क्यों हुआ?











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