सपा में फूट- अखिलेश व चाचा शिवपाल में मतभेद

अखिलेश जहां यह साफ कर चुके हैं कि हसनुददीन सपा में नहीं हैं वहीं सपा के वरिष्ठ नेता व विधान सभा में नेतापतिपक्ष शिवपाल मीडिया के समक्ष गाते फिर रहे हैं कि हसनुददीन उनके साथ हैं और पार्टी के मजबूत कंधे के रूप में चुनाव लड़ेंगे। यह साबित करता है कि चाचा भतीजे में भारी मतभेद हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार पार्टी में शिवपाल का कद अखिलेश की तुलना में काफी छोटा है। हसनुददीन के मामले में यदि अखिलेश की चली तो उन्हें पार्टी में शामिल नहीं किया जाएगा।
मामले को लेकर अब सारा दारोमदार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव है। हालांकि दो दिन पूर्व मुलायम राजधानी में थे, लेकिन उन्होंने इस मामले में कुछ भी नहीं कहा था। समाजवादी पार्टी भले ही यह दावा करती हो कि पार्टी में किसी भी प्रकार को मतभेद नही है और सभी सदस्य व कार्यकर्ता एकजुट होकर चुनाव की तैयारी में हैं लेकिन ऐसा नहीं है।
कहा जाता है कि पार्टी में कौन शामिल होगा और किसे बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा यह प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव के स्तर पर तय किया जाता है। यहां तक की टिकटों के बंटवारे को लेकर भी मुलायम सिंह यादव के बाद अखिलेश यादव का ही निर्णय अन्तिम माना जाता है। हालांकि पिछले कुछ समय से आजम खां जो अखिलेश यादव के सलाहकार बने हैं वह भी पार्टी मामलों में सक्रिय योगदान दे रहे हैं।












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