भाई के शव की तलाश में दर-दर भटक रहा पारितोष

इस अस्पताल में शवों की शिनाख्त की जा रही है। उन्होंने कहा कि मेरा भाई एएमआरआई के दूसरे तल पर पुरूष वार्ड में भर्ती था। मैंने वहां पर तलाश किया लेकिन वहां पर वह नहीं था। मुझे उम्मीद थी कि वह किसी अस्पताल में होगा जहां एएमआरआई के मरीजों को भेजा गया था। लेकिन, वहां भी वह नहीं मिला। घटना को याद करते हुए दास कहते हैं कि उस समय वह अस्पताल के भूतल स्थित विजिटर एरिया में सो रहे थे।
दास ने कहा कि वहां पर धुआं फैलने लगा था और सबसे पहले मेरा ध्यान भाई पर गया। मैं और कुछ अन्य लोग सीढी से उपर जाना चाह रहे थे लेकिन वहां तैनात गार्डो ने कहा कि स्थिति नियंत्राण में है और कुछ पलों में ही धुआं खत्म हो जाएगा। यदि उस समय उन्होंने मुस्तैदी दिखाई होती या हमें ही जाने दिया होता तो कुछ मरीजों की जान बच सकती थी।












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