मुस्कुराने के लिए बस एक मिस काल या एसएमएस

ज्ञात हो कि मिर्जापुर में कटे होंठ और तालू वाली बच्ची पिंकी पर 2009 में एक वृत चित्र तैयार किया गया। इसी तर्ज पर अमेरिका ने स्माइल ट्रेन नाम से एक प्रोजेक्ट शुरू किया जिसके तहत कटे होंठ, तालू व क्लेफ्ट वाले बच्चों का इलाज किया जाता है। प्रोजेक्ट के अगले क्रम में मिर्जापुर में नयी सुविधा शुरू की गयी जिसके अन्तर्गत मरीज मिस कॉल व एसएमएस कर अपना पंजीकरण करा सकता है। ऐसे बच्चों के अभिभावकों को सिर्फ 7800000078 नम्बर पर मिस कॉल या फिर एसएमएस करना होगा जिसके बाद स्माइल ट्रेन संस्था के चिकित्सक बीमार बच्चों तक खुद पहुंच कर उनका मुफ्त इलाज करेंगे।
मिर्जापुर की पिंकी का इलाज भी स्माइल ट्रेन संस्था ने ही किया था जिसके बाद पूरी तरह से सामान्य हो गयी थी। स्माइल ट्रेन के दक्षिण एशिया के निदेशक सतीश कालरा ने मिस काल या एसएमएस योजना की शुरूआत करते हुए कहा कि इससे मरीजों को काफी मदद मिलेगी। स्माइल ट्रेन के परियोजना निदेशक तथा शल्य चिकित्सक सुबोध कुमार ङ्क्षसह ने कहा कि कटे होंठ तालू से ग्रसित बच्चों की मुख्य समस्या आहार की होती है। उन्होंने कहा कि यह बताने की आवश्यकता है कि नवजात बच्चों को पोषण अवश्य मिले इससे ही उन्हें इस रोग से बचाया जा सकता है। भारत में हर साल 40 हजार कटे होंठ या तालू वाले बच्चों का जन्म होता है।












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