नोएडा के रिहायशी इलाकों में बैंक, नर्सिंग होम बंद होंगे

यदि प्राधिकरण लीज निरस्त करने का आदेश पहले जारी कर जा चुका है तो उसे दो माह तक रुका हुआ माना जाएगा। लेकिन दो माह बाद प्राधिकरण का सीलिंग या लीज निरस्त करने का आदेश स्वत: लागू हो जाएगा। सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि इस संबंध में आयुक्त स्तर का अधिकारी ही आदेश जारी करेगा और पक्षकारों को सुनवाई का मौका देगा। कोर्ट ने बैंकों के मामले में आर.के. मित्तल की याचिका पर यह फैसला दिया है जिन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। प्राधिकरण ने मार्च, 2000 में मित्तल को नोटिस जारी कर बैंक को लीज पर दिए गए भूखंड को खाली कराने को कहा था, जिसके खिलाफ मित्तल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जबकि नर्सिंग होम के मामले में नोएडा प्राधिकरण की याचिका पर फैसला आया है।
1989-90 में मंगेराम शर्मा के घर की लीज रद्द करने का नोटिस प्राधिकरण से जारी हुआ पर हाईकोर्ट से 2006 में उसे राहत मिल गई और प्राधिकरण सुप्रीम कोर्ट चला गया। पीठ ने नोएडा प्राधिकरण के मास्टर प्लान, जोनल प्लान और नियमों के आधार पर ये फैसला सुनाया है। हालांकि माना जा रहा है कि बैंक सुप्रीम कोर्ट से मोहलत मांगने के लिहाज से याचिका दायर कर सकते हैं।












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