अपराधियों को सुधारने में योग की मदद

अपराधियों को सुधारने में योग की मदद अपराध विज्ञान विशेषज्ञ रामेश्वर सिंह जमवाल ने यहां संवाददाताओं को बताया कि यौगिक अपराध सिद्धांत योग, अपराध विज्ञान और व्यवहार संबंधी उपचार का मेल है। यह मानव व्यवहार को सुधार और बदल सकता है। उन्होंने कहा कि यह सिद्धांत अपराधियों के मन पर काम करता है। यह सिद्धांत मनुष्य के मस्तिष्क में अरबों न्यूरान की बनावट और चरित्र में बदलाव लाने में सफल रहा है।
इसकी मदद से उसकी विचार प्रक्रिया को बदला जा सकता है, उसके नकारात्मक विचारों को कमजोर करके उन्हें मस्तिष्क से बाहर किया जा सकता है। जमवाल ने कहा कि अभी तक हमारा रवैया यही रहा है कि सभी तरह के अपराध करने वाले लोगों का एक ही मानदंड वाले उपचार से इलाज किया जाये।
रोग के कारणों में जाये बिना सभी रोगियों का एक ही दवा से उपचार किया जाये, रोगी होने पर उसका उपचार किया जाये, उसे वर्गीकृत किये बिना निर्जन कोठरियों में रखा जाये। उन्होंने कहा कि यह तकनीक जटिल होने के बावजूद पूरी तरह से अनूठी है। इस तकनीक की सफलता दर 90 प्रतिशत से अधिक है और यह सस्ती है।












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